पंजशीर नेता अहमद मसूद अफगानिस्तान में ही मौजूदः रिपोर्ट

Masood

नई दिल्लीः पंजशीर (Panjshir) घाटी में प्रतिरोध बलों के नेता अहमद मसूद (Ahmed Masood) अभी भी अफगानिस्तान (Afghanistan) में हैं, लेकिन पंजशीर का 70 प्रतिशत इलाका तालिबान (Taliban) के नियंत्रण में हैं। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने स्थिति की जायजा लेने के बाद इसकी जानकारी दी। फ़ार्स ने शनिवार को रिपोर्ट दी कि दिवंगत पूर्व अफ़ग़ान गुरिल्ला कमांडर अहमद शाह मसूद के बेटे मसूद के तुर्की या कहीं और जाने की अफवाहें झूठी थीं और कहा जा रहा है कि वह अफगानिस्तान में ही किसी सुरक्षित स्थान पर है।

तालिबान ने कहा है कि उन्होंने अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत पर कब्जा कर लिया है, जो देश में आखिरी प्रतिरोध गढ़ है, मसूद के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा (एनआरएफ) और पूर्व अफगान उपाध्यक्ष अमरुल्ला सालेह ने दावा किया है, जिन्होंने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया। पंजशीर तालिबान के खिलाफ आखिरी अफगान प्रांत था, जो पिछले महीने सत्ता में आया था और अब एक अंतरिम सरकार घोषित कर चुका है। एनआरएफ ने कहा कि लड़ाई जारी रखने के लिए घाटी में सभी रणनीतिक स्थानों पर प्रतिरोध बल मौजूद हैं।

कासिम मोहम्मदी, मसूद के करीबी ने फार्स के हवाले से कहा, ‘‘हाल के दिनों में, तालिबान ने पंजशीर में प्रवेश किया और अब 70 प्रतिशत मुख्य इलाकें और मार्ग उनके नियंत्रण में हैं, लेकिन पंजशीर की घाटियाँ अभी भी हमारे पूर्ण नियंत्रण में हैं।’’

अहमद मसूद ने पिछले सोमवार को मीडिया को भेजे गए एक ऑडियो संदेश में तालिबान के खिलाफ ‘राष्ट्रीय विद्रोह का आह्वान किया। अल जज़ीरा के अनुसार, अहमद मसूद ने कहा, ‘‘आप कहीं भी हों, अंदर या बाहर, मैं आपसे हमारे देश की गरिमा, स्वतंत्रता और समृद्धि के लिए एक राष्ट्रीय विद्रोह शुरू करने का आह्वान करता हूं।’’

पिछले बुधवार को, ताजिकिस्तान में अपदस्थ अफगान सरकार के राजदूत ने कहा कि अहमद शाह मसूद और अमरुल्ला सालेह अफगानिस्तान से नहीं भागे थे और उनके प्रतिरोध बल अभी भी तालिबान से लड़ रहे थे। अपदस्थ अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार के तहत दुशांबे के दूत ज़हीर अगबर ने कहा कि वह सालेह के साथ नियमित संपर्क में थे और सुरक्षा कारणों से प्रतिरोध नेता सामान्य संचार से बाहर थे।

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “अहमद मसूद और अमरुल्ला सालेह ताजिकिस्तान नहीं भागे हैं। अहमद मसूद के पंजशीर छोड़ने की खबर सच नहीं है, वह अफगानिस्तान के अंदर है। मैं अमरुल्ला सालेह के लगातार संपर्क में हूं, जो इस समय पंजशीर में हैं और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान सरकार में हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर तालिबान के एक लड़ाके को उस जगह पर दिखाया गया है जहां अमुराल्लाह सालेह ने एक संदेश शूट किया था।

इस बीच, सालेह के भतीजे ने शनिवार को कहा कि तालिबान ने पंजशीर प्रांत में अमरुल्ला सालेह के भाई और उसके ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी। शूरेश सालेह ने कहा कि उनके चाचा रोहुल्लाह अज़ीज़ी गुरुवार को एक कार में कहीं जा रहे थे, जब तालिबान लड़ाकों ने उन्हें एक चौकी पर रोक लिया। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि सुनने में आया है, तालिबान ने उसे और उसके ड्राइवर को चौकी पर गोली मार दी।’’

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)