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Corona Vaccine: रूस की ‘स्पुतनिक लाइट’ वैक्सीन का एक डोज सभी नए वेरियंट्स के खिलाफ प्रभावी

नई दिल्लीः स्पुतनिक वी वैक्सीन के रूसी डेवलपर्स ने गुरुवार को कहा कि उनकी ‘स्पुतनिक लाइट’ वैक्सीन की एक डोज ही कोविड-19 के खिलाफ 79.4 प्रतिशत प्रभावी साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन कोरोनो वायरस के सभी नए वेरियंट्स के खिलाफ प्रभावी साबित हुई है। रूस ने ‘स्पुतनिक लाइट’ को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। यह जानकारी रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को दी। इस वैक्सीन को बनाने के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) की ओर से वित्तीय सहायता दी गई है।

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Vaccination Update: रूस से Sputnik V की पहली खेप भारत पहुंची

नई दिल्लीः भारत को शनिवार को रूस के कोविड-19 वैक्सीन स्पुतनिक-वी की पहली खेप मिली। 1,50,000 खुराक का पहला बैच मास्को से हैदराबाद पहुंचा। रूसी वैक्सीन की एक और खेप तीन मिलियन खुराक इस महीने भारत आने वाली है। वैक्सीन डॉ रेड्डी की प्रयोगशालाओं में वितरित किए जाएंगे, जिन्होंने भारत में स्पुतनिक वी के उत्पादन के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के साथ हाथ मिलाया है।

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चीन नहीं आ रहा अपनी हरकतों से बाज, यूएस से आ रही मदद पर भी लगाया अड़ंगा!

नई दिल्लीः भारत कोरोना महामारी से जूझ रहा है और इस संकट की घड़ी में दुनिया के 40 देशों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। दुनिया के कई देश ऑक्सिजन, वेंटिलेटर, वैक्सीन, दवाएं और मास्क भारत को सप्लाई कर रहे हैं। नवभारत के मुताबिक, चीन ने एक बार फिर भारत की मदद में रोड़ा अटकाने की कोशिश की है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने भारत के लिए जो मेडिकल हेल्प देने का ऐलान किया है उसमें ज्यादातर चीजों की डिलीवरी चीन से होनी थी। बता दें कि अमेरिका ने जो चीजें भारत भेजनी थी, उनका उत्पादन चीन में ही हो रहा है। लेकिन दूसरी तरफ, चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है, उसने तकनीकी बाधा का हवाला देकर सामान की तुरंत सप्लाई करने में असमर्थता जताई है।

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Corona Pandemic: रूस के बाद अमेरिका भी आया भारत की मदद को आगे, भेज रहा 740 करोड़ रुपए से ज्यादा की मेडिकल हेल्प

नई दिल्लीः कोरोना वायरस की दूसरी लहर में भारत बेबस नज़र आ रहा है। ऐसे में कई देशों ने भारत को मदद की पेशकश की है। रूस के दो विमान आज सुबह ही चिकित्सा आपूर्ति की पहली खेप लेकर भारत पहुंचे हैं। इस कड़ी में अमेरिका भी भारत की मदद के लिए आगे आया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका से चिकित्सा आपूर्ति की पहली खेप शुक्रवार तक भारत पहुंच जाने की उम्मीद है, जिसमें करीब 740 करोड़ से अधिक की मेडिकल सप्लाई है। अमेरिका ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली और टीकों के लिए कच्चे माल सहित चीजों पर करीब 100 मिलियन यानी करीब 741.66 करोड़ से अधिक की कीमत की आपूर्ति कर रहा है।

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कोरोना से जंग लड़ने के लिए रूस आया भारत के साथ, मेडिकल सप्लाई से भरे 2 विमान भारत भेजे

नई दिल्लीः भारत और रूस का दोस्ताना संबंध एक बार फिर से सामने आया है। एक तरफ, जहां भारत कोरोना वायरस की भीषण लहर का सामना कर रहा है, इसको देखते हुए रूस ने घोषणा की है कि वह दूसरी लहर से निपटने के लिए भारत को 22 टन से अधिक चिकित्सा आपूर्ति भेज रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चिकित्सा आपूर्ति करने वाले दो परिवहन विमान पहले से ही भारत भेज दिए गये हैं, जो गुरुवार सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंच गए हैं।