Parliament

आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक 2020 आज संसद द्वारा पारित

नई दिल्लीः आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक 2020 आज संसद द्वारा पारित कर दिया गया है। इससे पूर्व यह विधेयक 19 मार्च, 2020 को लोक सभा में पारित कर दिया गया था। इससे एक अति आधुनिक आयुर्वेदिक संस्‍थान की स्‍थापना का मार्ग प्रशस्‍त हुआ है। जामनगर, गुजरात में स्‍थापित होने वाले इस संस्‍थान का नाम आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्‍थान (आईटीआरए) होगा। इसे राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थान (आईएनआई) का दर्जा दिया जाएगा।

Venkayia Naidu

आयुर्वेद सिर्फ एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन भी: उपराष्ट्रपति

नई दिल्लीः उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सुरक्षात्मक देखभाल पर आधारित आयुर्वेद के व्यापक ज्ञान का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में निर्धारित प्राकृतिक उपचार से हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करके वायरस से लड़ने में सहायता प्राप्त हो सकती है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा ‘आयुर्वेद फॉर इम्युनिटी’ विषय की थीम पर आयोजित ऑनलाइन वैश्विक आयुर्वेद शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए, श्री नायडू ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति ही नहीं बल्कि जीवन का एक दर्शन भी है।

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भारतीय चिकित्सा प्रणाली और होम्योपैथी की गुणवत्‍ता सुधारने संबंधी 2 बिलों को संसद की मंजूरी

नई दिल्लीः आयुष मंत्रालय के दो महत्‍वपूर्ण विधेयक संसद में पारित होने के साथ ही देश में भारतीय चिकित्‍सा पद्धति और होम्‍योपैथी की चिकित्‍सा शिक्षा में क्रांतिकारी सुधार करने के लिए देश पूरी तरह तैयार है।

भारतीय चिकित्‍सा पद्धति के लिए राष्‍ट्रीय आयोग विधेयक, 2020 तथा होम्‍योपैथी के लिए राष्‍ट्रीय आयोग विधेयक, 2020 लोक सभा में 14 सितम्‍बर, 2020  को पारित कर दिए गए थे। ये दोनों विधेयक मौजूदा भारतीय चिकित्‍सा केन्‍द्रीय परिषद अधिनियम, 1970 और होम्‍योपैथी केन्‍द्रीय परिषद अधिनियम, 1973 का स्‍थान लेंगे।

Covid Recovery

Post Covid: इम्यूनिटी बढ़ानी है तो, रखें इन बातों का खास ख्याल

नई दिल्लीः भारत सरकार राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों के साथ निकट समन्वय और सहयोग से देश में कोविड-19 को लेकर उचित प्रतिक्रिया और उपचार प्रबंधन का नेतृत्व कर रही है। कोविड-19 से बचाव, उसकी रोकथाम और उपचार प्रबंधन के लिए कई रणनीतिक और सुविचारित उपाय किए गए हैं। यह पाया गया है कि गंभीर कोविड-19 बीमारी के बाद भी ठीक हो चुके मरीजों में थकान, शरीर में दर्द, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई सहित विभिन्न प्रकार के संकेत और लक्षण दिख सकते हैं। कोविड बीमारी के अधिक गंभीर रूप से पीड़ित और पहले से ही बीमारी चल रहे लोगों के ठीक होने की अवधि के लंबा होने की संभावना है।

Rapid Test

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए केन्द्र हुआ सख्त, कहा- कोई भी पॉजिटिव केस परीक्षण से न बचे

नई दिल्लीः केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ज्ञात हुआ है कि कुछ बड़े राज्य रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) द्वारा परीक्षण किए गए लक्षणात्‍मक निगेटिव मामलों के लिए आरटी-पीसीटी परीक्षण का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।

आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह स्पष्ट रूप से कहा है कि निम्नलिखित विशिष्ट श्रेणियों के व्यक्तियों का आरटी-पीसीआर परीक्षणों के माध्यम से दोबारा परीक्षण करना आवश्‍यक है: