अंगना म शिक्षा विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण दंतेवाड़ा, गीदम में सम्पन्न

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दंतेवाड़ा : माँ केवल सन्तान को जन्म नही देती, उन्हें शिक्षा भी देती है। वह सचमुच प्रथम गुरु भी है, यह कथन जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश कर्मा ने दंतेवाड़ा में आयोजित विकासखंड स्तरीय अंगना म शिक्षा कार्यक्रम में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कोरोना संक्रमण काल में पूर्व प्राथमिक तथा प्राथमिक कक्षाओं में माताएं ही बच्चों में मूलभूत साक्षरता एवम गणितीय कौशल का विकास, घर पर ही कर सकतीं हैं। जिला मिशन समन्वयक श्री एस एल शोरी ने सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं को इस दिशा में कार्य करने को कहा तथा स्कूल रेडीनेस पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण में शिक्षिकाओं द्वारा “अंगना मा शिक्षा“ कार्यक्रम के तहत माताओं के उन्मुखीकरण हेतु विभिन्न गतिविधियाँ कराईं गई। जिनमें शारीरिक एवम क्रियात्मक विकास, सामाजिक एवम भावनात्मक विकास, बौद्धिक विकास, भाषाई विकास, गणित पूर्व तैयारी से संबंधित गतिविधियां शामिल की गई।  विकासखंड स्तरीय उन्मुखीकरण में 29 संकुल समन्वयक के साथ संकुल के 29 शिक्षक, शिक्षिकाये इस प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए।प्रशिक्षण में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्रोत समन्वयक उपस्थित थे।

विकासखंड गीदम में स्कूल रेडिनेस प्रोग्राम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय अंगना म शिक्षा कार्यक्रम में नवनियुक्त संकुल समन्वयक और उनके संकुल के एक एक सहयोगी शिक्षक, शिक्षिकाओं का उन्मुखीकरण किया गया। इस कार्यक्रम में कोरोना संक्रमण काल के दौरान पूर्व प्राथमिक तथा प्राथमिक कक्षाओं में माताओ के द्वारा बच्चों में मूलभूत साक्षरता एवम गणितीय कौशल का विकास, घर पर ही कर सकने हेतु सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को शाला स्तर पर क्रियान्वयन किया जाना हैं। मास्टर ट्रेनर के द्वारा घर की रसोई में मिलने वाले खाद्य पदार्थ एवं अन्य घरेलू सामान से भाषा और गणित के कौशल सीखने में माताओ की भूमिका के बारे में बताया गया। उन्मुखीकरण कार्यशाला में सहायक परियोजना समन्वयक ढलेश आर्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी शेख रफीक, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी सुश्री भवानी पुनेम, प्रथम संस्था के जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री स्वामी, मास्टर ट्रेनर उषा भुआर्य, सुधा ठाकुर, बेला यादव, ज्योति झाड़ी, ममता सिन्हा, गीदम विकासखंड के 33 संकुल समन्वयक के साथ 33 शिक्षक, शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम के द्वारा “अंगना मा शिक्षा“ कार्यक्रम के तहत जिनमें शारीरिक एवम क्रियात्मक विकास,सामाजिक एवम भावनात्मक विकास, बौद्धिक विकास, भाषाई विकास, गणित पूर्व तैयारी से संबंधित गतिविधियां शामिल की गई।