फेरी सेवा के लिए मेरिन इंजन लखीमपुर पंहुचा, एकल इंजन की फेरी सेवा बंद!

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लखीमपुरः गत 8 सितम्बर को जोरहाट के निमाती घाट पर घटित शोकावह फेरी (जलयान) हादसे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश पर एकल इंजनयुक्त फेरी सेवा राज्य के सभी जिलों में बंद कर दी गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में आज लखीमपुर जिले के उपायुक्त सुमित सत्तावान की अध्यक्षता में जिले के नौ घाटों पर चलाये जा रहे व्यक्तिगत एकल इंजन युक्त नौका और फेरी सेवा के मालिकों के साथ एक जरुरी सभा उपायुक्त कार्यालय के सभा कक्ष में सम्पन्न हुई। जिला उपायुक्त ने जिले में मेरिन इंजन विहीन सभी निजी नाव और फेरी सेवा को बंद किये जाने का उल्लेख करते हुए व्यक्तिगत खंड के नाव और फेरी सेवा के मालिकों से कहा कि उन्हें एकल इंजन को मेरिन इंजन में परिवर्तित करना होगा, साथ ही क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं ले जाया जा सकेगा। इन सभी विषयों की देखरेख करने के लिए जिला प्रशासन ने सहायक आयुक्त जिन्तु शर्मा को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है।

आज की सभा में जिला उन्नयन आयुक्त मनोज कुमार बरुवा, अतिरिक्त उपायुक्त मनोरमा मोरांग .अतिरिक्त आरक्षी अधीक्षक नित्यानंद चुटिया सहित आभ्यतरीन परिवहन विभाग के अधिकारी, आरक्षी परिदर्शक और सर्किल ऑफिसर उपस्थित थे। इसके बाद उपायुक्त ने राज्य सरकार द्वारा लखीमपुर जिले के तीन घाटों के लिए भेजे गए मेरिन इंजन लेने के लिए लुइत खाबलू घाट के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने मेरिन इंजन ग्रहण कर लोगो को अवगत कराया कि फेरी सेवा में इस इंजन के लग जाने से फेरी सेवा का मानदंड अधिक उन्नत होगा। साथ ही दुर्घटना की सम्भावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी। जिला उपायुक्त ने फेरी सेवा के मालिकों के साथ ही आम नागरिकों से सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।

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