कौन बनेगा मुख्यमंत्रीः असम की कुर्सी पर कौन होगा काबिज़, सोनोवाल या सरमा!

Sarbananda Sonowal

नई दिल्लीः असम में चुनाव के बाद सर्बानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर अभी भी संशय बना हुआ है। क्योंकि भाजपा नेता और वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) भी इस रेस में शामिल हो गए हैं। इतना ही नहीं चुनाव अभियानों में सोनोवाल और नरेंद्र मोदी की विशेषता वाले भाजपा के आधिकारिक गीत के अलावा, वहां सरमा के आने की घोषणा करते हुए एक समानांतर गीत, ‘‘अहिसे हिमंत अहिसे’’ भी भाजपा की रैलियों में खूब वायरल हुआ था। अब देखना ये है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठता है। 

इसका जवाब आज मिल सकता है कि असम का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। शनिवार को मौजूदा सीएम सर्बानंद सोनोवाल और बीजेपी के वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन मंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की। हिमंत बिस्वा सरमा नॉर्थ-ईस्ट में बीजेपी के लिए काफी अहम हैं और पार्टी को मुसीबत से निकालने वाले नेता माने जाते हैं। बैठक के बाद दोनों नेता साथ-साथ बाहर निकले। बाहर निकलकर सरमा ने कहा कि रविवार को गुवाहाटी में बीजेपी विधायक दल की मीटिंग हो सकती है। सारे सवालों के जवाब उस मीटिंग के बाद निकलने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने पहले दोनों से अलग-अलग बात की। फिर बैठाकर भी मुख्यमंत्री के मसले पर बातचीत की गई। सूत्रों का कहना है कि बाद में सीएम के मसले पर किसी तरह का तनाव ना पैदा हो, इसलिए पार्टी दोनों बड़े नेताओं को साथ बैठाकर अपना फैसला बताना चाहती थी। सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच चुनना बीजेपी के लिए आसान नहीं है। जहां सोनोवाल की इमेज अच्छी है और वह स्थानीय सोनोवाल-कचरी कम्युनिटी से आते हैं, वहीं सरमा भी नॉर्थ-ईस्ट में बीजेपी के लिए जरूरी हैं।

सीएम की रेस में कौन आगे!
बीजेपी सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की रेस में हिमंत बिस्वा सरमा का नाम आगे चल रहा है। गुवाहाटी के लाइब्रेरी ऑडिटोरियम में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक के बाद सीएम के नाम का ऐलान होगा। सोनोवाल को केंद्र में भेजा जा सकता है। असम का सीएम बनने से पहले भी वह मोदी सरकार में खेल मंत्री रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक विधायकों की बैठक में आलाकमान के फैसले से अवगत कराया जाएगा। इसमें हिमंत बिस्वा सरमा के नाम पर मुहर लग सकती है, जो अब तक सरकार में नंबर दो की भूमिका में थे।

आखिर कौन हैं ये हिमंत बिस्वा सरमा
बता दें कि 2015 में हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। राज्य में प्रभाव के मामले में वह सोनोवाल से किसी भी मायने में कमतर नहीं हैं। 2016 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में असम में बीजेपी की जीत के साथ ही सीएए विरोधी प्रदर्शन और कोरोना के हालात को संभालने में उनकी अहम भूमिका रही है। 2016 में हिमंत को बीजेपी ने नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस का अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद उन्होंने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बीजेपी को सत्ता दिलाने में अहम योगदान दिया।

Add comment


Security code
Refresh