Climate Change

मोदी ने बनाया बिडेन के साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 'एजेंडा 2030'

in Op-ed

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने घोषणा की है कि ट्रम्प प्रशासन नीतियों के ठीक विपरीत, अमेरिका 2005 के स्तरों के सापेक्ष 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 50%-52% की कटौती करेगा। वहीँ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि भारत और अमेरिका पर्यावरण के वैश्विक अनुकूल सहयोग के लिए "एजेंडा 2030" नाम से एक साझा प्रयास शुरू कर रहे हैं।

बिडेन ने इस बात की भी घोषणा की, कि अमेरिका 2024 तक विकासशील देशों के लिए अपनी वार्षिक वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं को न सिर्फ दोगुना कर देगा बल्कि इस बीच जलवायु अनुकूलन का बजट भी तीन गुणा कर देगा।

Environment

भारतीय व्यापार जगत को वायु प्रदूषण सालाना लगा रहा $95 बिलियन का चूना

in Op-ed

अपनी तरह की यह पहली रिपोर्ट है जो भारत में प्रदूषण की व्यावसायिक लागत का अनुमान लगाने के उद्देश्य से बनाई गई  जिससे कंपनियों और नीति निर्माताओं को सक्रिय रूप से वायु गुणवत्ता बेहतर करने की प्रेरणा मिले।

वायु प्रदूषण की लागत भारतीय कारोबार में प्रत्येक वित्तीय वर्ष में  लगभग 95 बिलियन अमरीकी डॉलर (7 लाख करोड़ रुपये) पड़ती है जो कि भारत की कुल जीडीपी का लगभग 3% है, ये एक प्रमुख शोध रिपोर्ट से पता चलता है। यह लागत हर साल वसूले जाने वाले सभी तरह के कर का 50% या भारत की स्वास्थ्य सेवा बजट का 150% के बराबर है । रिपोर्ट की जांच और परिणाम के लिये साझेदारी में डलबर्ग एडवाइज़र के साथ साथ क्लीन एयर फण्ड और कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने मिलकर काम किया और यह बताया कि वायु प्रदूषण पर तुरंत कार्रवाई की ज़रूरत है इसकी वजह से भारी आर्थिक लागत पड़ती है और इसके साथ-साथ स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।

Coal

‘अब नहीं बनेंगे नए कोयला बिजली घर’

in Op-ed

आज जारी अध्ययन के मुताबिक भारत की कुल ऊर्जा क्षमता के 50% हिस्से का उत्पादन कर रहे राज्य और कंपनियां अब कोई नया कोयला बिजली घर नहीं बनाने का व्यक्त कर रही हैं संकल्प

दिल्ली स्थित जलवायु संवाद संगठन क्लाइमेट ट्रेंड्स द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत में मौजूदा स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता के करीब 50% हिस्से का उत्पादन करने वाले राज्य और कंपनियां अब कोई नया बिजली घर नहीं बनाने का संकल्प व्यक्त कर रही हैं। इस अध्ययन में कुछ उन राज्यों और कंपनियों के संचयी प्रभावों को मापा गया है, जो बिजली की मांग में हो रही नयी बढ़ोत्‍तरी की पूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।भारत की सबसे बड़ी सरकारी स्वामित्व वाली बिजली कंपनी एनटीपीसी के पास कुल स्थापित कोयला बिजली उत्पादन क्षमता के 25% (54,224 मेगावॉट) से भी ज्यादा की हिस्सेदारी है। एनटीपीसी ने कोयले से चलने वाला कोई भी नया बिजली घर नहीं बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। इसी तरह भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादन कंपनी (12792 मेगा वाट) टाटा पावर ने भी कोई भी नया कोयला बिजली घर नहीं बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा 4600 मेगावाट की कुल उत्पादन क्षमता वाली एक अन्य निजी बिजली कंपनी जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने भी ऐसा ही इरादा व्यक्त किया है। इन कंपनियों के अलावा चार राज्यों गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक ने भी कोई नया कोयला बिजली घर नहीं लगाने की नीति के प्रति संकल्प व्यक्त किया है। सामूहिक रूप से ये राज्य और कंपनियां भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता के 50% की हिस्सेदार हैं।

Coal

इधर रिन्यूएबल ऊर्जा वित्तपोषण में गिरावट भारी, उधर कोयला बिजली का वित्तपोषण जारी

in Op-ed

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ताज़ा शोध नतीजे बताते हैं कि जहाँ एक और वैश्विक स्तर पर कोयला खादानों और कोयला बिजली परियोजनाओं के वित्तपोषण में लगातार भारी बढ़त हो रही है वहीँ रिन्युब्ल ऊर्जा से जुड़े ऋण और वित्तपोषण में लगातार गिरावट हो रही है।

दुनिया की इस अग्रिणी यूनिवर्सिटी के सस्टेनेबल फाइनेंस प्रोग्राम के एक नए अध्ययन से पता चलता है कि कैसे, 2007-2010 और 2017-2020 की तुलना करके, कोयला खानों और कोयला बिजली संयंत्रों के लिए वित्त की लागत पिछले एक दशक में क्रमश: 54% और 38% बढ़ी है।

Asthma

क्या दमा के मरीज़ों का बदला इम्म्युन एक्टिवेशन बनाता है कोविड को उनके लिए कम घातक?

in Op-ed

कोविड का नाम सुनते ही साँसों का उखड़ना, खांसी, और फेफड़ों की जकड़न का ख्याल आता है। दमा के मरीज़ों के लिए तो ये बीमारी जानलेवा सी लगती है। लेकिन पीजीआई चंडीगढ़ और पंजाब युनिवेर्सिटी में हुए एक शोध से हैरान करने वाले नतीजे सामने आये हैं।

सस्टेनेबल सिटीज़ एंड सोसाइटी नाम के जर्नल में प्रकाशित इस शोध के नतीजों को मानें तो एलर्जिक राइनाइटिस और अस्थमा के रोगियों में पहले से बदला हुआ एक ऐसा इम्म्युन एक्टिवेशन, या प्रतिरक्षा सक्रियता पाई गई जो कोविड 19 से सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकती है।