Climate Change

G7 देश ग्लोबल तापमान को 1.5°C तक सीमित करने को हुए एकमत

in Op-ed

दो डिग्री सेल्सियस तक वैश्विक तापमान को सीमित करने के अपने पिछले लक्ष्य के मुक़ाबले एक बेहद महत्वकांक्षी लक्ष्य पर सहमत होते हुए G7 देशों के पर्यावरण मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की है कि वे वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5°C तक सीमित करने के अनुरूप अपने जलवायु लक्ष्य तय करेंगे। इन मंत्रियों ने 2021 के अंत तक गरीब देशों में कोयले से चलने वाले बिजली स्टेशनों के प्रत्यक्ष वित्त पोषण को रोकने के लिए भी सहमति व्यक्त की है। यह निर्णय गरीब देशों में कोयला बिजली में निवेश करने वाले बैंकों को एक स्पष्ट संदेश भी भेजेगा।

Vaccination

कोविड बर्डेन शेयरिंग फॉर्मूले से लगी पूंजी, टीकाकरण अभियान की सफलता की कुंजी

in Op-ed

विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 से निजात पाने के लिये दुनिया के सभी लोगों का टीकाकरण होना जरूरी है। अगर दुनिया का एक भी हिस्‍सा टीकाकरण से महरूम रहा तो पूरी दुनिया में नये तरीके के वायरस का खतरा मंडराने लगेगा। गरीब तथा विकासशील देशों में सभी को समान रूप से टीका मुहैया कराने के मुश्किल काम को करने के लिये एक ‘बर्डन शेयरिंग फार्मूला’ बनाया जाना चाहिये। इस बारे में ठोस कदम उठाने के लिये आगामी 11 जून को ब्रिटेन में आयोजित होने जा रही जी7 शिखर बैठक एक महत्‍वपूर्ण मौका है।

FossilFuel

क्या अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने जीवाश्म ईंधन युग के अंत की शुरुआत घोषित कर दी है?

in Op-ed

जीवाश्म ईंधन पर अंकुश लगाने की अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष वैश्विक निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने साफ़ कर दिया है कि अगर दुनिया मध्य शताब्दी तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के स्तर तक पहुंचना चाहती है तो निवेशकों को तेल, गैस और कोयले की आपूर्ति परियोजनाओं में नया वित्त पोषण नहीं करना चाहिए।

Fossilfuel

इन 11 देशों के धार्मिक संगठनों ने किया जीवाश्‍म ईंधन कारोबार से हर नाता तोड़ने का ऐलान

in Op-ed

दुनिया के 11 देशों के 36 धार्मिक संगठनों ने आज खुद को जीवाश्‍म ईंधन के कारोबार से अपना हर नाता तोड़ने का ऐलान किया। इन ११ देशों में भारत समेत ब्राज़ील, अर्जेंटीना, फिलीपींस, उगांडा, इटली, स्‍पेन, स्विटजरलैंड, आयरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के संगठन शामिल हैं। यह ऐलान जी7 शिखर बैठक को लेकर विभिन्न देशों के नेताओं की तैयारियों के बीच 36 और धार्मिक संगठनों द्वारा किया गया है। भारत के तमिलनाडु में कैथोलिक यूथ मूवमेंट जीवाश्‍म ईंधन से मुक्ति पाने के अभियान में शामिल हो गया है।

Tauktea

लगातार चौथे साल अरब सागर में आया चक्रवाती तूफ़ान, तौकते भी साफ़ तौर पर जलवायु परिवर्तन की पहचान

in Op-ed

फ़िलहाल जो तौकते नाम के तूफ़ान से जाना जा रहा है, अगले कुछ घंटों में "गंभीर चक्रवाती तूफान" की शक्ल ले सकता है, ये कहना है भारतीय मौसम विभाग का । इस बात का भी अंदेशा है कि यह गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मंगलवार तक गुजरात तट से टकरा सकता है।

बाहरहाल, यह तूफ़ान दरअसल जलवायु परिवर्तन की चीख ही है क्योंकि लगातार चार सालों से अरब सागर में, मानसून से पहले, भीषण चक्रवाती तूफ़ान जन्म ले रहे है। फ़िलहाल यह तूफान मज़बूत होता जा रहा है और अपनी गति से गुजरात एवं केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव एवं दादरा-नगर हवेली की ओर बढ़ रहा है। इस तूफ़ान ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तमाम अस्पतालों से कोरोना के मरीजों को किसी भारी आपदा के डर से  सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।