Kivuwatt

मीथेन मिटिगेशन हर साल ढाई लाख से ज़्यादा मौतों को रोक सकता है: संयुक्त राष्ट्र

in Op-ed

संयुक्त राष्ट्र की नेतृत्व में क्लाइमेट एंड क्लीन एयर कोएलिशन (जलवायु और स्वच्छ वायु गठबंधन) द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, हमारे लिए मौजूदा मीथेन मिटिगेशन के उपाय 2045 तक ग्लोबल वार्मिंग को 0.3 डिग्री सेल्सियस तक सीमित कर सकते हैं। इतना ही नहीं, मीथेन मिटिगेशन प्रत्येक वर्ष 255000 समय से पहले होने वाली मौतों, 775000 अस्थमा से संबंधित अस्पताल के दौरों, अत्यधिक गर्मी से 73 अरब घंटो के खोये हुए श्रम, और विश्व भर में 26 मिलियन टन फसल के नुकसान को भी रोकेगा।

Climate Change

यूँ ही हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे तो जलवायु परिवर्तन 18% तक घटाएगा वैश्विक GDP

in Op-ed

जिस रफ़्तार पर फ़िलहाल दुनिया चल रही है, उस रफ़्तार और इरादों से पैरिस समझौते के लक्ष्यों को हासिल कर पाना संभव नहीं और साथ ही, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के परिणामस्वरूप, वर्तमान उत्सर्जन योजनाओं के तहत, 2050 तक विश्व अर्थव्यवस्था 7-10% छोटी हो जाएगी और अगर कार्रवाई धीमी  हुई तो दुनिया की जीडीपी 2050 तक 18% कम हो जाएगी।

Lpg

क्या मौजूदा एलपीजी सब्सिडी व्यवस्था से गरीबों को हो रहा है नुकसान?

in Op-ed

जहाँ लाखों भारतीय तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) (एलपीजी) की कीमत में रिकॉर्ड वृद्धि के लिए सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार LPG सब्सिडी नीति के डिजाइन में बदलाव नहीं करती है तो गरीब परिवारों को LPG समर्थन से, संपन्न उपभोक्ताओं की तुलना में, 2 गुना कम लाभ हो सकता है।

एक नई रिपोर्ट के अनुसार (जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड द इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल एनर्जी पॉलिसी से भारत में LPG सब्सिडियों को कैसे लक्षित किया जाए), जब केंद्र सरकार की सभी ऊर्जा सब्सिडी का लगभग 28% LPG सब्सिडी में शामिल था, तब झारखंड के ग्रामीण और शहरी हिस्सों में सबसे गरीब 40% परिवारों को FY (वित्त वर्ष) 2019 में सरकार LPG सहायता का 30% से कम प्राप्त हुआ ।

Climate Change

मोदी ने बनाया बिडेन के साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 'एजेंडा 2030'

in Op-ed

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने घोषणा की है कि ट्रम्प प्रशासन नीतियों के ठीक विपरीत, अमेरिका 2005 के स्तरों के सापेक्ष 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 50%-52% की कटौती करेगा। वहीँ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि भारत और अमेरिका पर्यावरण के वैश्विक अनुकूल सहयोग के लिए "एजेंडा 2030" नाम से एक साझा प्रयास शुरू कर रहे हैं।

बिडेन ने इस बात की भी घोषणा की, कि अमेरिका 2024 तक विकासशील देशों के लिए अपनी वार्षिक वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं को न सिर्फ दोगुना कर देगा बल्कि इस बीच जलवायु अनुकूलन का बजट भी तीन गुणा कर देगा।

Environment

भारतीय व्यापार जगत को वायु प्रदूषण सालाना लगा रहा $95 बिलियन का चूना

in Op-ed

अपनी तरह की यह पहली रिपोर्ट है जो भारत में प्रदूषण की व्यावसायिक लागत का अनुमान लगाने के उद्देश्य से बनाई गई  जिससे कंपनियों और नीति निर्माताओं को सक्रिय रूप से वायु गुणवत्ता बेहतर करने की प्रेरणा मिले।

वायु प्रदूषण की लागत भारतीय कारोबार में प्रत्येक वित्तीय वर्ष में  लगभग 95 बिलियन अमरीकी डॉलर (7 लाख करोड़ रुपये) पड़ती है जो कि भारत की कुल जीडीपी का लगभग 3% है, ये एक प्रमुख शोध रिपोर्ट से पता चलता है। यह लागत हर साल वसूले जाने वाले सभी तरह के कर का 50% या भारत की स्वास्थ्य सेवा बजट का 150% के बराबर है । रिपोर्ट की जांच और परिणाम के लिये साझेदारी में डलबर्ग एडवाइज़र के साथ साथ क्लीन एयर फण्ड और कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने मिलकर काम किया और यह बताया कि वायु प्रदूषण पर तुरंत कार्रवाई की ज़रूरत है इसकी वजह से भारी आर्थिक लागत पड़ती है और इसके साथ-साथ स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।