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अब आपका वैश्विक ऑर्डर ज़ीरो एमिशन जहाज़ों से आना हुआ तय

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अमेज़न, IKEA समेत तमाम बड़े वैश्विक रिटेलर्स 2040 तक अपने सभी समुद्री माल को ज़ीरो एमिशन जहाज़ों से भेजने के लिए हुए प्रतिबद्ध

अगले बीस सालों में अब ऐसा होने की पूरी सम्भावना है कि आप द्वारा अमेज़न से मंगाया गया कोई ऐसा सामान जिसे समुद्र मार्ग से आना हो, वो एक ज़ीरो एमिशन जहाज़ से आये।

दरअसल अमेज़न और IKEA जैसी तमाम वैश्विक रिटेल और ईकॉमर्स कम्पनियों ने की वैश्विक माल ढुलाई के विशाल पैमाने को देखते हुए, यह घोषणा की है कि साल 2040 तक अपने सभी समुद्री माल को ज़ीरो एमिशन जहाज़ों से भेजने के लिए वो प्रतिबद्ध हैं।

Saveearth

जलवायु आपातकाल बढ़ा रहा है गरीब देशों पर क़र्ज़

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पर्यावरण और विकास को जोड़ने वाला एक नया आंदोलन आज एकजुट हो रहा है, जिसमें दुनिया भर के नागरिक समाज समूहों ने विकासशील देशों के लिए जलवायु परिवर्तन और ऋण संकट के अंतर्निहित संकटों पर कार्रवाई करने का आह्वान किया है।

लगभग 200 नागरिक समाज संगठनों ने विश्व के नेताओं, राष्ट्रीय सरकारों, सार्वजनिक और निजी वित्तीय संस्थानों को कई गरीब देशों के भारी क़र्ज़ के बोझ और जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच गहरे संबंध को पहचानने के लिए बुलाने के लिए एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान वैश्विक उत्तर से वैश्विक दक्षिण तक गैर-ऋण सृजन वित्त की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालता है; और ग़ैर-सस्टेनेबल ऋण को रद्द करने का आह्वान करता है जो बढ़ते क़र्ज़ के बोझ और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता का एक दुष्चक्र बनाता है।

Ukhand

उत्तराखंड ने मानसून नहीं, जलवायु परिवर्तन की मार झेली है

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अलकनंदा नदी पर हिमस्खलन और हिमस्खलन के बाद फरवरी में अचानक आई बाढ़ की दुखद घटना से उत्तराखंड अभी उबर ही रहा था की अब मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने राज्य को संकट में डाल दिया है। इस  बेमौसम बारिश के कारण  नदियां और झीलें उफान पर हैं और खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने पहले ही कठोर मौसम की घटनाओं में पर्याप्त वृद्धि को स्वीकरीयता दी है, वर्तमान घटना ने मानसून के लंबे समय तक रहने के प्रभाव को दिखाया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर मॉनसून समय से चला जाता तो इतनी मूसलाधार बारिश नहीं होती। मॉनसून करंट की मौजूदगी ने मैदानी इलाकों में नम हवाओं और मौसम प्रणालियों को चलाना जारी रखा।

Pollution

तेल कम्पनी 50 साल डाले रही अपनी काली करतूतों पर पर्दा

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कार्यवाई की जगह चलाया गया जलवायु परिवर्तन को विवादित बनाने के लिए शंकाओं और गलत जानकारियों का कुचक्र

मामला है फ्रांस की तेल और गैस उत्पादन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ‘टोटल एनर्जी’ का, जिसमें ताज़ा प्रमाण इस बात के मिलते हैं कि टोटल एनर्जी को अपने उत्पादों के दहन से उत्पन्न होने वाले जलवायु परिवर्तन संबंधी जोखिमों के बारे में साल 1971 से ही पता था लेकिन वह न सिर्फ़ 1988 तक इस मामले पर सार्वजनिक रूप से चुप्पी साधे रही, बल्कि 1980 के दशक के उत्तरार्ध में उसने ग्लोबल वार्मिंग के बारे में सामने आ रहे वैज्ञानिक सबूतों पर शंका को बढ़ावा देना भी शुरू किया।

Carbon

शून्य-कार्बन हाइड्रोजन के लिए 'मार्गदर्शक सिद्धांत' हुए लॉन्च

in Op-ed

ईंधन के तौर पर पृथ्वी को कार्बन का विकल्प देने के इरादे से और हाइड्रोजन में निहित असीमित सम्भावनाओं को केंद्र में लाने के लिए, आज युनाइटेड नेशंस हाई-लेवल चैंपियंस फॉर क्लाइमेट एक्शन, गोंज़ालो म्यूनोज़ और नाइजल टॉपिंग, और युनाइटेड नेशंस (संयुक्त राष्ट्र) माराकेच पार्टनरशिप के वैश्विक साझेदारों ने डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों में हाइड्रोजन की भूमिका पर चर्चा को मज़बूत करने और आधार स्तर पर चर्चा करने के लिए महीनों के लंबे सहयोग से निकले परिणाम को सात मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में प्रकाशित किया है।