घातक है रिहायशी इलाके में मोबाइल का टावर लगाना

Mobiletower

नई दिल्लीः मोबाइल टेक्नोलॉजी इंसान के जीवन में सबसे उपयोगी साबित हुई है। सभी टेलीकॉम कंपनी अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए नये-नये प्रयोग करती रहती हैं। टेलीकॉम कंपनियां उन प्रयोगों से लोगों के जीवन में होने वाली घातक बिमारियों को नजरअंदाज कर देती हैं। दिल्ली के सबसे रिहायशी इलाको में से एक बलजीत नगर थाना आनंद पर्वत, गायत्री कॉलोनी में एक टेलीकॉम कंपनी वहां अपने मोबाइल टावर लगा लोगों को घातक बिमारियों के मुँह में धकेल रही है। सुप्रीम कोर्ट के हिसाब से किसी भी रिहायशी इलाके में मोबाइल टावर्स लगाने की अनुमति नहीं है। लेकिन कुछ अधिकारियों और नेताओ की मिलीभगत से लोगो को पैसो का लालच देकर उनके यहाँ टावर्स लगा दिए जाते हैं। वहाँ के स्थानीय लोग पुलिस में शिकायत करने के लिए फोन लगाते हैं लेकिन उनको धमकाकर दोबारा फोन न करने की हिदायत दे दी जाती हैं, ऐसा स्थानीय लोगों ने बताया।

विशेषज्ञों की माने तो 300-400 मीटर के एरिया में टावर्स से निकलने वाली रेडिएशन का सबसे ज्यादा असर रहता है। टावर्स से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बनती हैं। गरीब वैसे ही परेशान हैं, वो बड़े लोगो के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते हैं, इसी बात का फायदा उठाकर कुछ बड़े अधिकारी पैसे लेकर टावर्स लगाने की अनुमति दे देते है और गरीबो को मरने के लिए छोड़ देते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वहाँ पर पास में ही रेलवे स्टेशन हैं जहाँ पर काफी खाली जगह पड़ी हुई हैं, उन टावर्स को रिहायशी इलाको में ना लगाकर खाली जगहों पर लगाया जाना चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जहाँ टावर लगाया जा रहा हैं वहाँ पर झुग्गी झोपड़ियों में हजारों परिवार रहते है। इस एरिया के आसपास लगभग चार शिक्षण संस्थान हैं और यहाँ हजारो की संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में कुछ लोग अपने निजी फायदे के लिए लोगो और बच्चो की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। राहुल, प्रियंका गांधी सेना केंद्र और दिल्ली सरकार से मांग करती है कि सरकार इस गंभीर विषय पर विचार करें और कड़े कानून बनाये जिससे लोगो की जिंदगी से हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।

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