यूपी और हरियाणा बन रहे दिल्ली की ऑक्सीजन में बाधकः मनीष सिसोदिया ने लगाया आरोप

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नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत के चलते अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत के लिए मुख्य रूप से हरियाणा और उत्तर प्रदेश प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

इस बीच, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखा। उन्होंने लिखा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस और हरियाणा में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ऑक्सीजन ले जाने वाले टैंकरों को रोक रहे हैं, टैंकरों को देरी से दिल्ली के अस्पतालों तक पहुंचाने में देरी हो रही है।’’

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सिसोदिया ने कहा कि, ऑक्सीजन को लेकर दिल्ली में और देश के कई हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल है। इसकी वजह है कि केंद्र द्वारा कोटा बढ़ाने के बावजूद कई राज्यों द्वारा ऑक्सीजन पर कंट्रोल करने की कोशिश हो रही है।

दिल्ली के कई अस्पतालों में इस वक्त ऑक्सीजन का संकट है। कई अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो चुका है। कई अस्पताल मरीज को कह रहे हैं कि कुछ दूसरा इंतजाम देखें, लेकिन आखिर मरीज कहां जाएंगे क्योंकि अन्य अस्पतालों में भी हालात खराब हैं।

मनीष सिसोदिया ने बताया कि उन्हें सुबह से दिल्ली के दर्जनभर अस्पताल मैसेज भेज चुके हैं कि किसी के यहां छह घंटे का तो किसी के यहां चार घंटे का ऑक्सीजन बचा है। कुछ में 24 व 12 घंटे की भी है। सिसोदिया बोले कि जब केंद्र ने राज्यों कोटा तय किया है तो खासकर हरियाणा और यूपी क्यों ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधक बन रहे हैं।

सिसोदिया ने कहा कि एक मंगलवार को यूपी के प्रशासनिक अधिकारी मोदीनगर से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने दे रहे थे और बुधवार को जब वहां से आपूर्ति सामान्य हुई तो हरियाणा ने आपूर्ति रोक ली। सिसोदिया ने आरोप लगाया हरियाणा और यूपी के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की दादागिरी की वजह से बुधवार को 378 टन की जगह सिर्फ 177  टन ही उठ पाया।

आज भी हरियाणा और यूपी में ऑक्सीजन को लेकर जंगलराज मचा रखा है और वहां के ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन नहीं उठने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी केंद्रीय सरकार से गुजारिश है कि जितना हमारा कोटा है उसकी आपूर्ति करने में मदद करें।