शांति समझौते के विरोध में हमास ने इजराइल पर राॅकेट से किया हमला

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नई दिल्लीः इजराइल रक्षा बलों ने कहा कि गाजा पट्टी में फिलस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास ने बुधवार को तड़के सुबह करीब 4.30 बजे दक्षिणी इजराइल पर 13 रॉकेट दागे, जिनमें से 8 राॅकेट का आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मदद से बेकार कर दिया गया। ये हमला ऐसे समय में किया गया, जब इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर रहा था।

आईडीएफ ने कहा कि कुल 13 रॉकेट दागे गए। सेना ने कहा कि आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम का संचालन करने वाले सैनिकों ने आने वाले प्रोजेक्टाइल में से आठ को रोक दिया।

बता दें कि एक तरफ व्हाइट हाउस में इजराइल-बहरीन-यूएई शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे थे, तो दूसरी तरफ इजराइल पर उसी समय हमास ने रॉकेट बरसाए। जानकारी के मुताबिक एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजराइल-बहरीन-यूएई शांति समझौते के मसौदे पर हस्ताक्षर करने वाले हैं, तो उससे ठीक पहले इजराइल पर हमला किया गया, ताकि ये शांति समझौता न हो सके।

हमास के इस रॉकेट हमले में 2 इजराइली नागरिक घायल हो गए। इजराइल की सेना ने कहा कि एक रॉकेट को इजराइल के आयरन डोम एंटी मिसाइल सिस्टमने इंटरसेप्ट करके हवा में ही नष्ट कर दिया था, लेकिन एक रॉकेट सीमा में गिरा, जिसमें 2 नागरिक घायल हो गए।

बता दें कि अमेरिका से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल, बहरीन और यूएई के शीर्ष नेतृत्व ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके लिए व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह बिन जायेद अल-नहयान, बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ अल-जयानी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मौजूद रहे। इन नेताओं ने द्विपक्षीय शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए और फिर डोनाल्ड ट्रंप के साथ साझे वक्तव्य जारी किए। इस कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दशकों के लड़ाई - झगड़े और तनाव के बाद अब से मिडिल ईस्ट में नई शुरुआत हुई है। हम आज यहां इतिहास बदलने के लिए आए हैं।

चारों देशों के प्रमुख नेताओं के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर का फिलिस्तीनी नागरिकों ने विरोध किया है। वेस्ट बैंक के नेबुलस, हेब्रोन शहरों में फिलिस्तीनियों ने नीले रंग के मास्क लगाकर प्रदर्शन किया और फिलीस्तीनी झंडे लहराये। 

बता दें कि हमास और इजराइल के बीच कुछ समय पहले एक समझौता हुआ था, जिसमें हमास ने कहा था कि वो इजराइल पर कोई हमला नहीं करेगा। बदले में इजराइल 13 साल से जारी गजा पट्टी की नाकेबंदी खोल देगा। इस समझौते के मुताबिक गजा पट्टी में बिजली की आपूर्ति से लेकर तेल की आपूर्ति भी शुरू होनी थी। इस समझौते के लिए कतर ने मध्यस्थता की थी। लेकिन इजराइल ने कहा था कि ये समझौता उस समय टूट जाएगा, जब इजराइल पर कोई हमला होगा।  ऐसे में ये हमला बेहद नाजुक मौके पर किया है। हालांकि ये उम्मीद जताई जा रही है कि हालिया समझौतों को ध्यान में रखते हुए इजराइल थोड़े समय तक चुप रहेगा, लेकिन वो कभी भी पलटवार कर सकता है।
 

(Source: .timesofisrael.com)

Comments   

0 #2 Tiffiny 2020-09-16 22:28
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0 #1 Rayford 2020-09-16 16:38
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reading and posting comments. But so what,
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