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रूस द्वारा प्रदत्त तुशील-पी 1135.6 फ्रिगेट का शुभारंभ समारोह

नई दिल्ली: पी 1135.6 वर्ग के सातवें भारतीय नौसेना फ्रिगेट को 28 अक्टूबर 2021 को रूस के कालिनिनग्राद स्थित यानतर शिपयार्ड में लॉन्च किया गया। उसके शुभारंभ समारोह में मास्को स्थित भारतीय राजदूत श्री डी. बाला वेंकटेश वर्मा, रूसी संघ के वरिष्ठ गणमान्य और भारतीय नौसेना के अधिकारी उपस्थित थे। समारोह के दौरान, श्रीमती दात्ला विद्या वर्मा ने पोत का नाम ‘तुशील’ रखा। संस्कृत में ‘तुशील’ का अर्थ ‘रक्षात्मक कवच’ होता है।

Diwali

अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है दीपावली, जानिए इस पर्व का अध्यात्मशास्त्र और महत्व

दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है! दिवाली शब्द की उत्पत्ति दीपावली शब्द से हुई है। दीपावली शब्द दीप+आवली (कतार, रेखा) से बना है । इसका अर्थ है, दीयों की एक रेखा । दीपावली पर सर्वत्र दीप जलाए जाते हैं। भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे, उस समय लोगों ने दीपोत्सव मनाया। तभी से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। सनातन संस्था द्वारा संकलित इस लेख में आइए जानते हैं, दीपावली का आध्यात्मिक शास्त्र । दीपावली का त्योहार मनाते समय आज कल होने वाले अपप्रकार को भी यदि हम रोकने का प्रयास करते हैं अथवा स्वयं भी वह करना टालते हैं तो हम इस त्यौहार के माध्यम से ईश्वर का चैतन्य अधिक से अधिक अनुभव कर सकते हैं। आइए इस दीपोत्सव को शास्त्रों के अनुसार श्री लक्ष्मी, श्रीकृष्ण और यमदेव आदि देवताओं का स्मरण कर शास्त्र के अनुसार मनाकर आनंद को दोगुना करें!

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क्यों चढ़ाई जाती हैं कानपुर के बुद्धादेवी मंदिर में माता को ताजा हरी सब्जियां

मां दरबार आने वाले हर भक्त की झोली भरती हैं। हर जगह लोग मातारानी को प्रसाद के रूप में मिठाई का भोग लगाते हैं। पर एक मंदिर ऐसा भी है, जहां मां को ताजी सब्जियां अर्पित की जाती हैं। हम बात कर रहे हैं कानपुर स्थित हटिया स्थित बुद्धा देवी मंदिर की। अन्य दिनों की अपेक्षा यहां बुधवार को काफी भीड़ रहती है। नवरात्र पर देवी मां की सभी भक्तों पर कृपा बरसती है।

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चमत्कार! हनुमान जी की इस मूर्ति की ऊंचाई हर साल बढ़ती ही जा रही

सतना शहर से करीब 15 किमीं. दूर रामपुर बाघेलन क्षेत्र के रामवन में मौजूद हनुमान की मूर्ति इन दिनों पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। कहा जाता है कि ये शाश्वत है और हर साल इसकी ऊंचाई बढ़ जाती है। यही वजह है कि हजारों पर्यटक इसे देखने के लिए आते हैं।

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इस वर्ष मनाएं ‘हलाल मुक्त दीपावली’!

नई दिल्ली: ‘सीएट टायर्स’ के विज्ञापन में ‘रास्ते फटाखे फोडने के लिए नहीं है’, ऐसा परामर्श आमिर खान हिन्दुओं को देता है; परंतु ‘रास्ते नमाज पढने के लिए नहीं होते’ इस विषय में वो कुछ नहीं बोलता। ‘फैब इंडिया’ के विज्ञापन में दीपावली को ‘जश्‍न-ए-रिवाज’ कहा गया है । हिन्दुओं की परंपराओं का ‘इस्लामीकरण’ करना, तदुपरांत वहां ‘हलाल’ की व्यवस्था निर्माण करना और ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ के आधार पर इस्लामी बैंक को प्रोत्साहन देकर बलवान करना आरंभ है । इस विषय की ओर हिन्दुओं को सजगता से देखना चाहिए । भारत में ‘ऑनलाइन’ द्वारा करोडों रूपए का व्यापार होता है । इसमें भी दीपावली जैसे त्योहार में हिन्दू ग्राहक बडी मात्रा में खरीदारी करते हैं । इसीलिए हमने ‘हलाल मुक्त दीपावली’ अभियान आयोजित किया है, जिसमें पूर्ण हिन्दू समाज सहभागी हो । इस दीपावली को ‘हलाल’ प्रमाणित उत्पादन और हिन्दू परंपराओं का इस्लामीकरण करनेवाले प्रतिष्ठानों के उत्पादन न लेकर हिन्दू इस वर्ष ‘हलाल मुक्त दीपावली’ मनाएं, ऐसा आवाहन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने किया । हिन्दू जनजागृति समिति आयोजित ‘इस वर्ष मनाएं : हलाल मुक्त दीपावली !’