Haridwar

Kartik Purnima 2021: जानें इस दिन स्नान, दान व दीपदान का महत्व

पंचांग के अनुसार इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा आज 19 नवंबर शुक्रवार को है। इस दिन कार्तिक मास का समापन भी हो रहा है।इस दिन यानि कार्तिक पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि नामक योग और वर्धमान योग भी बन रहा है जो इस दिन की पूजा के महत्व में वृद्धि कर रहे हैं।

Nasa

इसरो ने चंद्रयान-2 को नासा के लूनर ऑर्बिटर से टकराने से रोका

नई दिल्लीः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को खुलासा किया कि चंद्रयान -2 ऑर्बिटर ने अक्टूबर में नासा के लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) के साथ टकराव से बचने के लिए युद्धाभ्यास (सीएएम) किया था। इसरो ने कहा, "चंद्रयान -2 ऑर्बिटर (CH2O) और नासा के लूनर टोही ऑर्बिटर (LRO) के बीच एक बहुत करीबी संयोजन 20 अक्टूबर को 05:45 UTC (11:15 AM IST) पर चंद्र उत्तरी ध्रुव के पास होने की उम्मीद थी।" घोषणा में कहा गया है कि दोनों एजेंसियां ​​इस बात पर सहमत हैं कि चंद्रयान -2 सीएएम से गुजरेगा।

Temple

हमारे पूर्वजों की इंजीनियरिंग का चमत्कार है 'सूर्य मंदिर'

2116 मीटर की ऊँचाई पर 9वीं शताब्दी का कटारमल सूर्य मंदिर, जो अवशेष रूप में है, अभी भी हमारे पूर्वजों के इंजीनियरिंग चमत्कार को प्रदर्शित करता है। जब इस मंदिर पर पहली सूर्य की किरणें पड़ती हैं तो यह सूर्य देव की एक प्राचीन मूर्ति को चमत्कृत करती हैं। इस मूर्ति को 'बड़ादित्य' कहकर पुकारते हैं।

Aashiqui

व्यंग्यः इश्क ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया, वर्ना आदमी हम भी थे काम के

मियाँ ग़ालिब बता गये हैं कि इश्क ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया वर्ना आदमी हम भी काम के थे। बिलकुल सही बताए हैं। अब हमाई आज की झक्क ही ले लीजिए। मोहब्बत की चाशनी में अंदर तक डूबे बारहवीं में पढ़ने वाले एक नौजवान ने अपनी ही किडनैपिंग कर डाली। औ बाकायदा अपने निजी बाप से ही फिरौती भी मांग डाली। 

Manikarnikakund

जानें मणिकर्णिका तीर्थ के बारे में, जहां गिरा था माता पार्वती का कुंडल

लोगों का कहना है कि भगवान शिव और पार्वती के स्नान के लिए यहां विष्णु जी ने एक कुंड बनाया था, जिसे लोग अब मणिकर्णिका कुंड के नाम से भी जानते हैं। कहा जाता है कि जब शिव और पार्वती इस कुंड में स्नान कर रहे थे, तब शिवजी की मणि और माता पार्वती का कुंडल इस कुंड में गिर गया था, तब से इस जगह को मणिकर्णिका घाट कहा जाने लगा। यह तीर्थ काशी में गंगा के किनारे स्थित हैं। इसे भगवान विष्णु ने अपने चक्र से बनाया था। इसलिए इसे मणिकर्णिका चक्र पुष्करणी तीर्थ भी कहते हैं।