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प्राणायाम करें, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं, रहें निरोग

वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कंपनियां अपने उत्पादों के बारे में तरह-तरह के दावें कर रही हैं। ये उत्पाद हमारे लिए कितने उपयोगी हैं, यह निर्भर करेगा उनमें मौजूद विटामिनों, खनिजों और अन्य पोषक तत्वों पर। इनको खरीदने से पहले उत्पाद के संबंध में दिए गए किसी अधिकृत एजेंसी के प्रमाणन की जांच भी कर लेनी चाहिए। अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हमारे पास एक दूसरा महत्त्वपूर्ण विकल्प है- प्राणायाम। प्राणायाम हमारे ऋषि-मुनियों के अनुसंधान का प्रतिफल है, जो हमें निःशुल्क प्राप्त है। प्राणायाम से तात्पर्य है प्राणों का विस्तार अथवा नियमन करना। प्राण शक्ति केवल वायु (ऑक्सीजन) नहीं है। इसमें ब्रह्माण्ड में उपलब्ध जो भी ऊर्जा है, उन सबका सार है प्राण ऊर्जा। जब तक हमारे शरीर में यह प्राण ऊर्जा रहती है, तभी तक हमारा जीवन भी चलता रहता है। 

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सीजीएचएस ने दिल्ली/एनसीआर में ई-संजीवनी के माध्यम से टेली-परामर्श सेवाएं शुरू कीं

नई दिल्लीः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को कोविड-19 के मौजूदा हालात में सार्वजनिक स्‍थानों विशेष रूप से स्‍वास्‍थ्‍य सेवा केन्‍द्रों पर बुजुर्गों का जाना सुरक्षित नहीं मानते हुए वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों सहित कई लोगों से विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ टेली-परामर्श सेवाएं शुरू करने का अनुरोध मिल रहा था। 

इस अनुरोध पर ध्‍यान देते हुए ही केन्द्रिय सरकार स्‍वास्‍थ्‍य योजना-सीजीएचएस ने अपने लाभार्थियों  के लिए विशेषज्ञों के साथ परामर्श के लिए वर्चुअल मोड के माध्यम से 25 अगस्‍त 2020 से टेली-परामर्श सेवाओं की शुरुआत की है। प्रारंभ में, ये सेवाएँ दिल्ली/राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सीजीएचएस के लाभार्थियों को उपलब्ध होंगी। ई-सेवाएं सभी कार्य दिवसों में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच उपलब्ध हैं।

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पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से 63,173 मरीजों हुए ठीक

नई दिल्लीः भारत में कोविड-19 संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या आज इसके सक्रिय मामलों के 3.5 गुना से अधिक हो गई है।

पिछले कई दिनों से इस बीमारी से एक ही दिन में ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा 60,000 से अधिक रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 63,173 मरीजों के ठीक होने के साथ ही इस बीमारी से अब तक कुल 24,67,758 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। ठीक होने की इस रफ्तार का इस बीमारी से ठीक होने वाले मरीजों की प्रतिशतता और इसके सक्रिय मामलों की प्रतिशतता के बीच का अंतर बढ़ाने में अहम योगदान रहा है।

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AIIMS की OPD का नाम राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी क्यों? आइये जानते हैं....

नई दिल्ली: हम लोग जब भी एम्स की ओपीडी में जाते हैं तो एक सवाल हमेशा मन मे बना रहा रहता हैं कि इस ओपीडी का नाम राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी क्यों है। आज हम आपको बतायेंगे की कैसे इस ओपीडी का नाम पड़ा। 

राजकुमारी अमृत कौर का जन्म 2 फरवरी 1889 को लखनऊ में हुआ। वे शाही परिवार से ताल्लुक रखती थी और पंजाब के कपूरथला के राजा सर हरनाम सिंह की बेटी थीं। राजकुमारी अमृत कौर, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थी। वह देश की पहली महिला केंद्रीय मंत्री बनीं और 1947 से लेकर 1957 तक 10 साल तक स्वास्थ्य मंत्री रहीं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने 16 जुलाई, 2020 को राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी ब्लॉक का उद्घाटन किया था। तब से AIIMS की OPD का नाम ‘राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी’ रखा गया। 

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स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ‘ई-संजीवनी’ टेली मेडिसिन सेवा ने 2 लाख टेली-काउंसलिंग पूरी की

नई दिल्ली: स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय के ‘ई-संजीवनी’ डिजिटल प्‍लेटफॉर्म ने दो लाख टेली-परामर्श पूरे कर लिए हैं। यह कीर्तिमान 9 अगस्‍त के बाद केवल 10 दिनों की छोटी अवधि में ही हासिल कर लिया गया है। 9 अगस्‍त को केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने 1.5 लाख टेली-परामर्श पूरे होने के उपलक्ष्‍य में आयोजित बैठक की अध्‍यक्षता की थी। इसे प्रधानमंत्री की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा सकता है। ‘ई-संजीवनी’ प्‍लेटफॉर्म ने कोविड महामारी के समय अपनी उपयोगिता, स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों,  चिकित्‍सा समुदाय और चिकित्‍सा सेवाएं चाहने वालों के लिए आसान पहुंच सिद्ध कर दी है।

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