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ब्रेन ब्लड क्लॉट को हटाने के लिए कोई कट-दर्द नहीं और लगभग फ्री-डॉ. शिवराज इंगोले

मुंबई: मेडिकल के बदलते पैमानों को देखते हुए ऐन्यूरिज्म की सर्जरी भी अब पुरानी हो चुकी है, क्योंकि सर्जरी के दौरान अंग को काटने की वजह से दिमाग की स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान होने का खतरा होता है। इसीलिए अब इंटरवेंशनल प्रोसेस को महत्व दिया जा रहा है।   सर जेजे अस्पताल, मुंबई में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के प्रोफेसर और यूनिट हेड

डॉ. शिवराज इंगोले का कहना है कि मस्तिष्क की बहुत सारी नसें सबसे सामान्य कारणों में से एक हैं जो मनुष्यों में स्ट्रोक का कारण बनती हैं। इन थक्कों को रक्त वाहिका से निकालना एक अत्यंत जोखिम भरा प्रक्रिया है जिससे कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। लेकिन जैसा कि चिकित्सा विज्ञान आगे बढ़ा है, एक नई धारा है जो सर्जरी के बिना थक्के से छुटकारा पाने में मदद करती है और मरीजों को कोई दर्द महसूस नहीं होता है।

CSIR

Second Wave: CSIR-CCMB निदेशक ने कहा, भारत के लिए अगले तीन सप्ताह महत्वपूर्ण

नई दिल्लीः कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहले की तुलना में अधिक संक्रामक साबित हो रही है। कोविड-19 के प्रसार के संदर्भ में भारत के लिए अगले तीन सप्ताह महत्वपूर्ण हैं, रविवार (18 मार्च) को CSIR-CCMB (सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी) के निदेशक डॉ राकेश मिश्रा ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है। लोग दिशानिर्देशों का बहुत सख्ती से पालन करें।

Health

'डीप वेन थ्राम्बोसिस' को नजरअंदाज न करें, आगे जाकर ये बीमारी ले सकती घातक रूपः डॉ. शिवराज इंगोले

IMG 20210404 WA0021मुंबई: डीप वेन थ्राम्बोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में कहीं किसी एक नस के भीतर रक्त का थक्का बन जाता है। डीप वेन थ्राम्बोसिस ज्यादातर निचले पैर या जांघ में होता है हालाँकि यह कभी-कभी शरीर के अन्य भागों में भी हो सकता है। रक्त का थक्का जमा हुआ रक्त है जो रक्त के साथ दूसरे स्थानों तक स्थानांतरित हो सकता है। यह ऑपरेटिव प्रक्रिया की जटिलता के रूप में सामने आता है।

टांगों की काफ मसल्स और पैरों में दर्द व सूजन को हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह डीवीटी की तरफ इशारा करता है, जो आगे जाकर घातक रूप ले सकती है। मुंबई के जे जे अस्पताल एवं ग्रांट मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और इंटरविंशनल रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर शिवराज इंगोले ने हमसे इस बीमारी पर विस्तार से बात की।

कई बार ऐसा होता है कि हमारी टांगों में मौजूद काफ मसल्स (टांगों का पिछला हिस्सा) की धमनियों में ब्लड क्लॉट बन जाता है। इसकी वजह से टांग सूजकर हाथी पांव जैसी हो जाती है और उसमें दर्द होता है।

Health

वैरिकोज वेन्स से बचने के लिए जीवनशैली पर ध्यान देना ज़रूरी: डॉ. शिवराज इंगोले

मुंबई: त्वचा के नीचे दिखने वाली नीली नसों पर आपने भी गौर किया होगा लेकिन कभी सोचा नहीं होगा कि ये नसें तकलीफदेह भी हो सकती हैं। त्वचा की सतह के नीचे की ये नसें जब बढ़ने लगती हैं तो ये वैरिकोज वेन्स कहलाती है। सबसे अधिक प्रभावित नसें व्यक्ति के पैरों और पैरों के पंजों में होती हैं। कभी-कभी यह गंभीर समस्या का रूप ले लेती हैं और यह शरीर में रक्त संचार संबंधी समस्याओं के जोखिम के बढ़ने का संकेत भी हो सकती हैं।

Vaccine

Covid Vaccination: सरकार ने प्राइवेट सेंटरों पर वैक्सीन की कीमत 250 रुपये तय की

नई दिल्लीः कोरोनो वायरस (Corona Virus) टीकाकरण अभियान (Vaccination drive)  का दूसरा चरण 1 मार्च से शुरू होने जा रहा है। दूसरे चरण में 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है और वह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर, पुरानी सांस की बीमारियों जैसे कोमॉर्बिडिटीज (Comorbidities) के साथ अन्य बीमारियों वाले लोगों के ऊपर प्राथमिकता मिलेगी। दूसरे चरण में टीकाकरण के लिए सरकारी और प्राइवेट सेंटर बनाए जायेंगे। सरकारी सेंटर पर मुफ्त में टीकाकरण किया जाएगा। हालांकि प्राइवेट सेंटर पर इसके लिए पैसे देने होंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि निजी अस्पताल में कोविड-19 वैक्सीन की खुराक 250 रूपये में ले सकते हैं।