Karva Chauth

जानिये! करवाचौथ पूजा का शुभ मुहूर्त, कौन सा योग बना रहा है इस दिन को शुभ

करवाचौथ हर साल पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन, विवाहित महिलाएं पूरे दिन निराजल उपवास रखती हैं और अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल विवाहित जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। यह दिन, जो कार्तिक माह में पूर्णिमा के चौथे दिन आता है, भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का उत्सव भी है। यह त्योहार देश के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बहुत महत्व रखता है। महिलाएं अपना उपवास तोड़ती हैं, जो सूर्योदय से पहले शुरू होता है, एक बार शाम को चंद्रमा दिखाई देता है। 

Kartik

Kartik Maas 2020: जानिये कार्तिक मास की महिमा, इस माह क्या करें और क्या नहीं

कार्तिक का पावन मास शुरू हो गया है। इस महीने का हिंदू संस्कृति में एक महत्वपूर्ण और शुभ महत्व है। 1 नवंबर से शुरू हुआ कार्तिक माह 30 नवंबर तक चलेगा। इस महीने में, भक्त न केवल भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, बल्कि वे देवी लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं। इस महीने में भक्त उपवास रखते हैं। हालांकि, इस महीने में कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। ऐसा कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति इस महीने में नियमों का ठीक से पालन करता है, तो उन्हें संतुष्टि मिलती है और उन्हें पदोन्नति मिलती है। कार्तिक मास, चतुर मास का अंतिम महीना है। 

Keadr4

केदारनाथ धाम के दर्शन आपको कर देंगे भावविभोर, देखें वीडियो

नई दिल्लीः कोरोना काल के प्रकोप के दौरान भी केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) में भक्तों का काफी आना-जाना लगा रहा। हालांकि अब मंदिर बंद होने में कुछ दिन शेष रह गए हैं। बता दें कि चारों धामों के कपाट शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण बंद कर दिए जाते हैं। बता दें कि चारधाम के पवित्र तीर्थस्थल हर साल अप्रैल-मई में ग्रीष्म ऋतु के आगमन के साथ खुलते हैं और सर्दियों के महीनों अक्टूबर-नवंबर की शुरुआत के साथ बंद हो जाते हैं। हालांकि इस बार कोरोना के कारण लगे लाॅकडाउन के चलते खोलने के समय में थोड़ा परिवर्तन किया गया था। चार धाम मंदिर, केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री, अप्रैल-मई से अक्टूबर-नवंबर तक तीर्थयात्रियों के लिए खुले रहते हैं। सभी मंदिर सर्दियों में बंद भारी बर्फबारी के कारण बंद कर दिए जाते हैं। 

KARVACHAUTH2

70 साल बाद करवाचौथ पर बन रहा है अति विशिष्ट संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त और चांद निकलने का समय

इस बार करवाचौथ का व्रत और पूजन बहुत विशेष है, क्योंकि इस बार 70 साल बाद ऐसा योग बन रहा है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र और मंगल का योग एक साथ आ रहा है। करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना अपने आप में एक अद्भुत योग है। ज्योतिष के अनुसार यह योग करवाचौथ को और अधिक मंगलकारी बना रहा है। इससे करवाचौथ व्रत करने वाली महिलाओं को पूजन का फल कई गुना अधिक मिलेगा। इस वर्ष करवाचौथ का व्रत 4 नवंबर बुधवार को होगा।

Sharad Purnima

शरद पूर्णिमा पर अपनी राशि के अनुसार करें दान, हो सकती है नौकरी-व्यापार में तरक्की

अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस साल शरद पूर्णिमा 30 अक्तूबर, शुक्रवार के दिन मनायी जाएगी। इस दिन चंद्रमा अपनी समस्त कलाओं से पूर्ण होता है। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा कि किरणों से अमृत बरसता है। इस दिन की चांदनी सबसे ज्यादा तेज प्रकाश वाली होती है। इतना ही देवी और देवताओं को सबसे ज्यादा प्रिय पुष्प ब्रह्मकमल भी शरद पूर्णिमा की रात को ही खिलता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किए गए धार्मिक अनुष्ठान कई गुना फल देते हैं।