गोबर पॉलिटिक्सः BJP ने किया विरोध, RSS ने थामा प्रदेश सरकार का हाथ

Gobar

रायपुरः छत्तीसगढ़ सरकार ने पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘गोधन न्याय योजना’ लांच की गई थी। लेकिन, इस योजना को लांच करते ही प्रदेश में ‘गोबर’ पॉलिटिक्स शुरू हो गई। राज्य सरकार पर आरोप लग रहा है कि इस योजना को वह अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेगी। इस मुद्दे पर राज्य सरकार का समर्थन राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने किया है। 

छत्तीसगढ़ में गोबर पर सियासत के बीच कांग्रेस सरकार को राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ का साथ मिला है। आरएसएस के संगठन गौ ग्राम स्वावलंबन अभियान के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से समाज स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ेगा। संगठन ने गोबर खरीदने के सरकार के फैसले को सही ठहराया है। 

प्रदेश सरकार ने सरकारी दर पर किसानों से गोबर खरीदने का निर्णय लेने के बाद से ही राज्य में सियासत गर्मा गई है। पूर्व पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर ने ट्वीट कर योजना पर सवाल उठाते हुए गोबर को राजकीय प्रतीक चिन्ह बनाने का सुझाव दिया और मौजूदा सरकार को गोबर आधारित सरकार तक कह दिया। वहीं, कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए चंद्रकार सहित अन्य बीजेपी नेताओं को दिमाग में भरे गोबर को इस योजना के तहत बेचकर आर्थिक लाभ कमाने को कह दिया।

गोबर खरीद की शुरुआत हरेली त्यौहार से
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रवींद्र चैबे ने बीते 4 जुलाई को गोबर खरीदने की योजना की की घोषणा करते हुए कहा कि ‘समिति ने डेढ़ रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर खरीदने की अनुशंसा की। इसे मंत्रिमंडल में पेश किया जायेगा। सरकार ने गोबर खरीदने की पूरी तैयारी कर ली है और गांवों में 21 जुलाई, हरेली त्यौहार के दिन से गोबर खरीद की शुरुआत कर दी जायेगी।’ सरकार ने ‘गोधन न्याय योजना’ का नाम दिया है। इस योजना को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पशु रखने के काम को व्यावसायिक रूप से फायदेमंद बनाने, सड़कों पर आवारा पशु की समस्या से निपटने और पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से योजना महत्वपूर्ण है।

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