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बच्चों को निमोनिया से बचाने पीवीसी टीकाकरण कार्यक्रम का हीरामादला से हुआ शुभांरभ

कोण्डागांव: जिले में राज्य शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा कलेक्टर पुषेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशन पर न्यूमोकोकल कॉन्जूगेट (पीसीवी) टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ टीआर कुंवर द्वारा किया गया।  इस पीसीवी टीके द्वारा 0 से 01 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। इस टीके को बच्चों के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग द्वारा शामिल किया गया है। यह टीका 0 से 01 वर्ष तक के बच्चों को तीन चरणों में लगाया जायेगा। जिसका प्रथम टीका 06 सप्ताह पूर्ण होने के उपरांत, दूसरा टीका 14 सप्ताह पूर्ण होने के उपरांत एवं अंतिम तीसरा बुस्टर टीका 09 महीने में लगाया जाना है।

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ग्राम हीरामादला से जिले में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ शुभारंभ

कोण्डागांव: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य को मलेरिया से मुक्त करने के लिये पूरे राज्य में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चलाने का निर्णय लिया था। जिसके तहत् मंगलवार को कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशन में विकासखण्ड कोण्डागावं ग्राम हीरामादला में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान प्रारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ टी.आर कुवर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ सूरज राठौर सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्थानीय सरपंच, ग्राम के अन्य जनप्रतिनिधी एवं ग्रामीण पहुंचे थे।

Cg11

जिले में कोरोना की संभावित तीसरी लहर पूर्व आवश्यक तैयारी प्रारंभ

गरियाबंद: जिले में कोविड-19 संक्रमण के संभावित तृतीय लहर की पूर्व तैयारी विषयक जिले के समस्त चिकित्सा अधिकारियों का गहन चिकित्सा ईकाई (आईसीयू) पर बैचवार प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर के निर्देश के परिपालन व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. एन.आर. नवरत्न के मार्गदर्शन में प्रभारी अधिकारी, डेडिकेटेड कोविड अस्पताल डॉ. जय पटेल व डॉ. नेमेश साहू, एम.डी. मेडिसीन द्वारा डेडिकेटेड कोविङ अस्पताल में चिकित्सकीय टीम के माध्यम से ऑनसाइट आईसीयू केयर अंतर्गत वेन्टीलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट थेरेपी ई.सी.जी. आदि पर 07 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें विकासखण्ड मैनपुर से डॉ. सुधांशु पटेल एवं डॉ. अंकुर साहू, देवभोग से डॉ. सुनील रेड्डी एवं डॉ. शुभम राजकाने, फिंगेश्वर से डॉ. आदित्य चोपड़ा, छुरा से डॉ. राहुल नेताम ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। डेडिकेटेड कोविड अस्पताल से मास्टर ट्रेनर के चिकित्सकीय दल में डॉ. गीतेश्वर, डॉ. लक्ष्मीकांत, डॉ. मुकेश, डॉ. रूपेन्द्र, डॉ. मयंक एवं डॉ. अजय भी सम्मिलित थे।

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खाद के स्टॉक में मिली गड़बड़ी, समिति प्रबंधकों को नोटिस जारी

बलौदाबाजार: कलेक्टर सुनील कुमार जैन के निर्देश पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो इसके लिए लगातार कृषि विभाग द्वारा जिलें के विभिन्न सोसायटी एवं निजी कृषि दुकानों का लगातार निरीक्षण कर स्टॉक मिलान किया जा रहा है। इसी तारतम्य मे उप संचालक कृषि संत राम पैकरा ने नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने पलारी एवं बलौदाबाजार विकासखण्ड के विभिन्न सहकारी समिति तथा निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पलारी विकासखण्ड के अंतर्गत सहकारी समिति अमेरा में उर्वरकों के स्टॉक में अनियमितता पाई गयी। समिति के पीओएस मशीन में उपलब्ध स्कंध 325.91 मैट्रिक टन के विरूद्ध भौतिक रूप से केवल 132.21मैट्रिक टन उर्वरक ही पाया गया। कुल 193.70 मेट्रिक टन उर्वरक कृषकों को बिना पीओएस मशीन के ही बेच दिया गया है। जिसका समायोजन समिति द्वारा किया जाना है। इस संबंध में समिति प्रबंधक दुष्यंत कुमार साहू को तत्काल कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इसी प्रकार सिमगा विकासखण्ड में उर्वरक निरीक्षक सह वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अखिलेश दत्त दुबे द्वारा निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों एंव सहकारी समितियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 18 सहकारी समितियों में अनियमितता पाये जाने पर सभी प्रबंधको कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति विश्रामपुर में पीओएस मशीन में उपलब्ध स्कंध 269.579 मैट्रिक टन के विरूद्ध भौतिक रूप से 24.03 मेट्रिक टन तथा सहकारी समिति पौसरी में च्वै के 27.05 मेट्रिक टन उर्वरक के विरूद्ध भौतिक रूप से 0.1 मेट्रिक टन उर्वरक पाया गया। जिन्हें की जवाब-तलब किया गया है। जिले में इसी प्रकार अन्य विकासखण्डों में भी उर्वरक निरीक्षकों के द्वारा समस्त निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उपलब्ध स्कंध का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही अनियमितता पाये जाने पर कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। विक्रेताओं को नियमानुसार पीओएस मशीन, बायोमेट्रिक से ही उर्वरक विक्रय करने की समझाईश दी जा रही है। जो भी उर्वरक बिना पीओएस के ही विक्रय किया गया है। उसका शीघ्र ही समायोजन करने के निर्देश दिया गया है। जिससे जिले को आगामी खरीफ हेतु मांग अनुसार उर्वरक उपलब्ध हो सकें। गौरतलब है की शासन के निर्देशानुसार समस्त उर्वरक विक्रेताओं को डीबीटी (उर्वरक) योजनान्तर्गत पाॅस मशीन,बायोमेट्रिक,कंप्यूटर अथवा मोबाईल एप्पलीकेशन में प्रयोग कर उर्वरक विक्रय करने के निर्देश पूर्व में दिए गये है।

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जिले में 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट रहेगा प्रतिबंधित

कोण्डागांव: आगामी वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि प्रजनन को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशन पर मछलियों को संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा 3 उपधारा 2 के तहत कार्यालय सहायक संचालक मछली पालन द्वारा आदेश जारी करते हुए 16 जून से 15 अगस्त की अवधि को ‘‘बंद ऋतु’’ (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है।