बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच दिया इस्तीफा

Mewalal

पटनाः बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने गुरुवार को अपने खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यमंत्री अशोक चौधरी को शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। चौधरी कथित तौर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सहायक प्रोफेसरों और वैज्ञानिकों की भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे थे।

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मेवालाल ने अपने ऊपर लगाये गए आरोपों पर बात करते हुए कहा, ‘‘आरोप तभी साबित होता है जब चार्जशीट दायर की जाती है या अदालत आदेश देती है और दोनों में से कोई भी मेरे खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सका है।’’

मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त करने के लिए विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला किया था, भले ही उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा हो, और इस मुद्दे पर पार्टी से निलंबित भी कर दिया गया था। विपक्षी दलों ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी।

हालांकि मेवालाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। कहा कि मेरे ऊपर कोई चार्जशीट नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्नी की मौत के लिए मुझे जिम्मेदार बताने वालों पर मानहानि का मुकदमा करेंगे। जिस आईपीएस अधिकारी ने यह आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि का केस कर रहा हूं। मेरे खिलाफ कोई तथ्य नहीं है।

बता दें कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार मेवालाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को उठा रहे हैं। आज भी उन्होंने इस मसले पर ट्वीट कर हमला बोला है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हत्या और भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में आईपीसी की 409, 420, 467, 468, 471 और 120, धारा के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाने से बिहारवासियों को क्या शिक्षा मिलती है?

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