‘जनादेश चीरहरण’ की चौथी वर्षगाँठ, जश्न तो मनाइएः तेजस्वी यादव

Flood

पटनाः बिहार में बाढ़ के कारण लाखों लोग बेघर हो गये हैं। इस प्राकृतिक आपदा से जान और माल का भारी नुकसान हुआ है। खेतों में फसलें बर्बाद हो गईं हैं। लगातार बारिश से राज्य की तमाम नदियां उफान पर हैं। कोरोना वायरस से राज्य के लोग पहले ही बेहाल हैं। इस भयंकर परिस्थिति पर सरकार तमाशबीन बनी नज़र आ रही है। लोग खुले में रहने को मजबूर है, उनके पास न तो खाने के लिए है और न सर पर छत। राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर सरकार को घेरा।

बिहार के मुजफ्फरपुर इलाके में लोग हाईवे पर डेरा जमाए हुए हैं, जहां कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। ऐसे में गांव कोल्हुआ, पैगंबरपुर की एक बाढ़ पीड़ित बुजुर्ग महिला भी खुले में सड़क किनारे रह रही है। खाने के बारे में पूछने पर उसने बताया कि सरकार की तरफ से खाना तो मिलता है, लेकिन कोई समय नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सर ढ़कने के लिए एक पॉलीथीन तक नहीं दिया है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बाढ़ की वजह से लोग NH-27 के किनारे पर रहने के लिए मजबूर। गांव कोल्हुआ, पैगंबरपुर निवासी एक बाढ़ पीड़िता ने बताया, ‘‘सड़क के किनारे रह रहे हैं। सरकार की तरफ से कभी रात को 2 बजे तो कभी दिन में 2 बजे खाना मिलता है। सरकार ने एक पॉलीथीन तक नहीं दिया है।’’

BHtw

उधर, राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर सरकार को जमकर कोसा और कहा, ‘‘आज आदरणीय नीतीश जी द्वारा किए गए ‘जनादेश चीरहरण’ की चौथी वर्षगाँठ है। आशा है उन्होंने जिस उद्देश्य के लिए जनादेश का अपमान कर 12 करोड़ बिहारियों के साथ छल और विश्वासघात किया था उसकी लक्ष्य प्राप्ति हो गयी होगी। 130 दिन बाद घर से बाहर निकल आज इस वर्षगाँठ पर जश्न तो मनाइए।

TYtw

Add comment


Security code
Refresh