Bihar ration scam: सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर निकाली भड़ास

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पटनाः कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण देशभर में लाखों-करोड़ों लोग प्रभावित हुए। इन प्रभावित लोगों को खाद्य आपूर्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुफ्त राशन देने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री के इस कदम के लिए ट्वीट कर उनका आभार व्यक्त किया। फिर क्या था, मुख्यमंत्री के इस ट्वीट के बाद अपनी भड़ास निकलने के लिए राशन घोटाले के पीड़ितों को जैसे एक मंच मिल गया। नीतीश कुमार के इस ट्वीट के जवाब में राजेश कुमार मिश्रा ने उन्हें ‘कुर्सी कुमार’ से सम्बोधित करते हुए और इसे चुनाव प्रचार से जोड़ते हुए लिखा की लॉकडाउन के दौरान सभी का राशन कार्ड बनवाने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। वहीं कलिल देव यादव ने लिखा ‘जुमलों का बौछार है क्या, पता करो नवंबर में चुनाव है क्या?’

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सीएम नीतिश कुमार के एक और ट्वीट जिसमे उन्होंने प्रदेश के कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिए पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर अन्य राज्यों से आए बिहार के लोगों की डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को चिन्हित कर उनकी स्क्रीनिंग करने पर विशेष ध्यान देने वाले निर्देश का जिक्र किया था। इसके जवाब में सुनील कुमार ने नितीश कुमार के इस डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग सन्दर्भ से हटकर राशन घोटाले का जिक्र करते हुए लिखा की मात्रा में कमी की शिकायत जब संबंधित अधिकारी से की जाती है, तब उनका फोन ही नहीं लगता है। 

Cm Nitishs Tweet On Rashan Card2

बिहार में राशन घोटाला नई बात नहीं है, अभी हाल में एक ऑडियो वायरल हुआ, लोगों का मानना है की इस ऑडियो में आवाज समस्तीपुर जिले के एक अधिकारी और पत्रकार के बीच की है। जिसमे एक महिला अधिकारी साफ-साफ कह रही है कि चोरी कहां नहीं होती है, ऊपर से लेकर नीचे तक सब चलता है। इस तरह की बात नई नहीं है, ये पहले से होता आ रहा है। इस ऑडियो क्लिप में यह भी कहा जा रहा है की इस सन्दर्भ में उसके पास कुछ वीडियो भी थी, जिसे डिलीट कर दिया गया है। ऑडियो क्लिप का लिंक नीचे दिया गया है।

हांलाकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले हफ्ते मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि 15 जुलाई तक नये जरूरतमंद परिवार, जो राशन के पात्र हैं, उनको समय से राशन कार्ड मिलें। नए राशन कार्ड जारी करने और उनके वितरण के काम की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि वे वितरण में पूरी पारदर्शिता बनाए रखें ताकि सभी गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।