सैनिक स्कूल ईस्ट सियांग की पहल ‘पड़ोसी प्रथम’, सुपर 30 के जरिये बच्चों को प्रवेश परीक्षा की तैयारी

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जोनाईः सैनिक स्कूल में अधिक से अधिक स्थानीय बच्चों को प्रवेश मिल सके, इसके लिये ईस्ट सियांग जिला के निग्लाक स्थित सैनिक स्कुल ईस्ट सियांग ने अनोखा तरीका अपनाते हुए ‘पड़ोसी प्रथम’ नाम से 30 स्थानीय बच्चों के लिये स्कूल परिसर में कोचिंग की व्यवस्था की गई है। जिसमें 18 लड़कियां तथा 12 लड़के शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजित सभा में विधायक निनोंग ईरिंग ने सैनिक स्कूल को एक एंबुलेंस भेट की।

आगामी 5 फरवरी तक चलने वाले इस कोचिंग की 15 दिन बीतने के बाद आज कोचिंग लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग ईरिंग मुख्य अतिथि तथा 22वीं एनसीसी के कमांडिंग अफिसर मनदिप सिंह निज्जर, कमांड़र कर्मवीर सिंह भड़ाना और स्क्वार्डन लीड़र सुनिता भडाना सम्मानीय अतिथि के रुप में उपस्थित होकर  बच्चों तथा अभिभावकों को सैनिक स्कूल के जरिये देश सेवा और उनके उज्जवल भविष्य के बारे में कई तरह की प्रेरणादयाक बाते कहते हुए कहा कि सैनिक स्कूल ईस्ट सियांग का यह प्रयास काफी सराहनीय हैं। 

सैनिक स्कुल के प्रिंसिपल लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश सिंह ने कहा कि हमारे सैनिक स्कुल में राज्य के अन्य जिला की तुलना में बच्चों की संख्या काफी कम होने के कारण हमने पड़ोसी प्रथम शीर्षक से आठ किलोमिटीर के दायरे के करीब 30 गांवों में से 30 बच्चों को सैनिक स्कूल में प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिये कोचिंग शुरु की। जिसमें पढाई के साथ-साथ खाने, रहने तथा मेडिकल संबंधी सुविधा के लिये स्थानीय विधायक निनोंग ईरिंग, स्कुल के सभी स्टाफ और स्थानीय लोगो ने भरपूर सहयोग दिया। साथ ही उन्होने कोरोना महामारी के बीच अपने स्कूल के बच्चों को अन्तराष्ट्रीय बाक्सर मारी कॉम, क्रिकेट विरेन्द्र सहवाग सहित राजीव गांधी विश्वविद्यालय के उप कुलाधिपति साकेत कुशवाहा, अरुणाचल प्रदेश के पहले ग्रुप कमांड़र (रिटायर्ड़) महोंत पांगिग, डॉ. रिना भट्ट सहित  देश के कई नामचीन लोगो के साथ आनलाईन के जरिये वार्तालाप करने का मौका मिला और कई प्रेरणादयक बातें हुई। साथ ही उन्होने कहा कि हाल ही में हुए सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा की पंजीयन के लिये पूरे देश में सबसे ज्यादा लड़कियां अरुणाचल प्रदेश से हैं।

इस मौके पर बोलते हुए विधायक निनोंग ईरिंग ने सैनिक स्कूल प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि अरुणाचल वासियों के रग-रग में देशभक्ती का जज्बा भरा हुआ हैं, इसलिये यहां के लोग हमेशा जय हिंद बोलते हैं। साथ ही उन्होने कहा कि सैनिक स्कूल ईस्ट सियांग की पहल  सुपर 30 - पड़ोसी प्रथम की सराहना करते हुए कहा कि  स्कूल की ओर से जिस तरह से बच्चों के भविष्य के लिये प्रयास किये जा रहे हैं उसका  फल हमें आगामी 10-15 सालों के बाद देेखने को मिलेगा। जब यहां से पढाई करने वाले बच्चे देश की सेना में अधिकारी, सिविल सेवा अधिकारी और अन्य सम्मानीय सेवाओं के जरिये देश की सेवा करेंगे। 

इस अवसर पर आदी बाने केबांग के पदाधिकारीगण ने सैनिक स्कूल की इस कदम की सराहना करते हुए अपनी मांग के समर्थन में एक ज्ञापन स्कूल के प्रिंसिपल ले.कर्नल राजेश सिंह को सौंपा।

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