जोनाई महकमे में मोबाइल कंपनियों की घटिया सर्विस से लोग परेशान

Mobile Users

जोनाईः मोबाइल कंपनियों ने जो स्कीम का जाल फैला रखा है उस प्लान में उपभोक्ता कुछ उलझ सा जाता है। मोबाइल कंपनियां अपने हिसाब से प्लान की अवधि और कीमतों में फेरबदल कर देती हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि मोबाइल का इस्तेमाल तो करना ही है। तो इस तरह यूजर को कम दिन का प्लान ज्यादा पैसे में लेना ही पड़ता है। वैसे तो साल के बारह महीने होते हैं और औसत तीस दिन का एक महीना माना जाता हैं। मगर मोबाईल कंपनियों के हिसाब से अब एक महीना 28 दिन का हो गया हैं और दो महीने 56 दिन के। जिसके बाद भी मोबाईल उपभोक्ता अपने मोबाईल कंपनी की ओर से इंटरनेट सेवा का पूरा लाभ नही उठा पा रहे हैं, जिससे वे अपने को ठगा का महसूस कर रहे हैं। 

जियो, वोड़ाफोन, एयरटेल तथा बीएलएनएल के कई स्थानीय मोबाईल उपभोक्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मोबाईल में बात करते समय लाईन कट जाना, काफी देर तक लाईन व्यस्त बताना, वन वे होना और मोबाइल कंपनियों की ओर से महीने में तीन-चार दिन तक नेटवर्क नहीं रहने का एक फैशन सा हो गया है। पैसे लेने के नाम पर ये सारी कंपनियां आगे रहती हैं, मगर जहां उपभोक्ताओं को सर्विस देने की बात आती है तो ये मोबाईल कंपनियां अपना पिंड छुड़ाती दिखती हैं। मोबाइल यूजर्स ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ये सारी कंपनियां सीधा-सीधा हमारी जेब पर डाका डाल रही हैं। 

लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मोबाईल कम्पनियां जिस तरह से लोगों को मोबाइल सेवा देने की ढोल पीटती हैं, ठीक उसी तरह उन्हें उपभोक्ताओं को सर्विस भी देनी चाहिए। अन्यथा 28, 56, 70, 84 दिनों की समय सीमा की अवधि को स्वतः बढ़ा देना चाहिए। साथ ही उपभोक्ताओं का कहना हैं कि मोबाइल सेवा के नाम पर लोगो की जेब ढीली करने के बजाय मोबाईल कंपनियां अपनी ईंटरनेट सेवा और वॉईस सर्विस को दुरस्त करें, ताकि उपभोक्ताओं के मेहनत की पैसों की पूरी भरपाई हो सके।

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