Electricity

आपकी बिजली की ज़रूरत ले रही है शायद इनकी जान

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इस वक़्त अगर आप इस ख़बर को पढ़ रहे हैं तो मतलब आपके पास बिजली की सप्लाई है। और इस बात की भी पूरी उम्मीद है कि जिस बिजली से आपने अपने फोन को चार्ज किया या कम्प्यूटर को सप्लाई दी, वो कोयले के जलने से आयी होगी। ये भी हो सकता है कि इसी बिजली की मदद से आपने अपने घर में एयर प्यूरीफायर लगा कर अपने लिए कुछ साफ हवा का इंतज़ाम किया होगा। सोचने बैठो तो आप वाक़ई ख़ास हैं। कम से कम झारखंड में रामगढ़ ज़िले के मांडू ब्लॉक की कोयले की खदानों के आसपास रहने वालों से तो आप ख़ास हैं ही और काफ़ी हद तक बेहतर हालात में हैं। आपके घर को रौशन करने के लिए सिर्फ़ वहां का कोयला नहीं जल रहा। वहाँ के लोगों का स्वास्थ्य भी जल कर ख़ाक हो रहा है। मतलब, शायद आपकी बिजली की ज़रूरत ले रही है इनकी जान।

Climatechange

Red Alert: दुनियाभर की सरकारें 'जलवायु परिवर्तन' लक्ष्यों को पूरा करने में विफल

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मानें तो पृथ्वी "रेड अलर्ट" पर है। वजह है दुनिया भर की सरकारों का अपने जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को पूरा करने में विफल होना। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) की रिपोर्ट के बाद 2021 को "मेक या ब्रेक ईयर" के रूप में वर्णित किया। इस रिपोर्ट में नवंबर की COP26 जलवायु शिखर सम्मेलन से पहले 75 देशों द्वारा प्रस्तुत अपडेटेड जलवायु कार्रवाई योजनाओं का विश्लेषण किया गया था। इसमें पाया गया कि वर्तमान नीतियां पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के करीब नहीं होंगी।

OffshoreWindEnergy

चीन ने फिर किया हैरान, ऑफशोर विंड एनर्जी के मामले में 2020 को किया अपने नाम

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चीन दुनिया को हैरान करने से नहीं पीछे हटता। जब हम और आप कोविड से डरे सहमे लॉकडाउन में अपने और अपने प्रियजनों की कुशलता और स्वास्थ्य के लिए आशंकित थे, चीन के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति रची जा रही थी।दरअसल चीन ने अकेले साल 2020 में दुनिया की कुल अपतटीय पवन ऊर्जा या ऑफ शोर विंड एनर्जी, की आधी क्षमता स्थापित कर ली और ऐसा नहीं कि चीन ने अचानक ऐसा किया हो। लगातार तीसरे साल चीन ने ऑफ शोर विंड एनर्जी क्षमता स्थापना के मामले में दुनिया का नेतृत्व किया है।

Power Plant

पुराने थर्मल पावर प्लांट्स की हो वैज्ञानिक तरीके से डीकमिशनिंग: एनजीटी

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फ़िलहाल थर्मल पावर प्लांट को वैज्ञानिक तरीके से डीकमिशन, या चलन से बाहर, करने के कोई प्रभावी दिशानिर्देश मौजूद नहीं। बना हुआ है हानिकारक तत्वों के सही निस्तारण न होने का खतरा।

नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की चेन्नई स्थित दक्षिणी जोन की बेंच ने तमिलनाडु में राज्य सरकार के स्वामित्व वाले एक थर्मल पावर प्लांट को चलन से बाहर घोषित करने के दौरान उनमें मौजूद रहे खतरनाक तत्वों के समुचित निस्तारण के आदेश देने के आग्रह वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किए हैं। इस पीठ में न्यायाधीश राम कृष्ण और एक्सपर्ट मेंबर साइबिल दासगुप्ता शामिल हैं।

Plantation

क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत पौधारोपण ख़राब प्लानिंग का शिकार, ज़्यादातर बेकार

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हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि भारतीय शहरों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत किए गए पौधारोपण, योजनाबद्ध तरीके से न किये जाने के कारण अप्रभावी हैं। ज्यादातर मामलों में, या तो वृक्षारोपण अभियान ने प्रमुख प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट को अपवर्जित रखा या ऐसी प्रजातियों का इस्तेमाल किया जो प्रदूषण को अवशोषित नहीं करती हैं।