इन APPS को बैन करने से टूटेगी चीन की कमर, होगा करोड़ों का नुकसान

App

नई दिल्ली: भारत में चीनी ऐप्स की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने केन्द्र सरकार को चौंका दिया । भारत में चीन द्वारा चलाये जा रहे एप्स के बहिष्कार के बात लंबे समय से चल रही थी। नवंबर 2017 में, भारतीय रक्षा मंत्रालय ने TikTok, Helo, Weibo, WeChat, SHAREit, TrueCaller, UC Browser और Mi Store सहित 42 चीनी मोबाइल ऐप्स को खतरनाक माना और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। लेकिन पूर्वी लद्दाख के गलवान में जो 20 सैनिक शहीद होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। भारत सरकार ने चीन को सबक सिखाने के लिए ही इतना बड़ा फैसला किया है।

फरवरी 2019 में कुछ भारतीय राजनेताओं ने दावा किया कि चीन द्वारा संचालित एप टिकटॉक को या तो प्रतिबंधित किया जाए, या फिर इस पर कड़ी नजर रखी जाए, क्योंकि इसमें वल्गर सेक्सुअल सामग्री और साइबर बुलिंग कंटेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोकप्रिय सामाजिक ऐप जैसे TikTok, Helo और Vigo की सामग्री को मर्यादित करने के लिए सरकार को आगाह किया था।

पिछले एक वर्ष में भारत में चीनी ऐप्स की एक विस्तृत श्रृंखला लोकप्रिय हुई है, जिससे चीन करोड़ों रूपये कमा रहा है, जो अब बैन कर दी गई है।
सामाजिक सामग्री मंच: Helo और SHAREit
एंटरटेनमेंट और एंगेजमेंट एप्स: TIKTOK, LIKE, और Kwai
वेब ब्राउज़र: UCBrowser / UCBrowser Mini
वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग वाले: LiveMe, Bigo Live और Vigo वीडियो
यूटिलिटी ऐप: ब्यूटीप्लस, एक्सेंडर और कैम स्कैनर
गेमिंग ऐप्स: PUBG, क्लैश ऑफ किंग्स, मोबाइल लेजेंड्स
ई-कॉमर्स ऐप्स: क्लबफैक्टिंग, SHEIN, और ROMWE

आइए जानते हैं उन चाइनीज एप्स के बारे में, जिनसे चीन की मोटी कमाई होती है, और भारत सरकार द्वारा बैन लगाने के बाद ये कमाई अब बंद होने वाली हैं। लेकिन इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ने वाला हैं क्योंकि लाखों युवा इन ऐप्स के माध्यम से कमाई कर रहें हैं, तो जाहिर सी बात है कि अब उनकी कमाई बंद होने जा रही है और उन्हें अब कुछ और काम ढूंढना पड़ेगा।

Helo: बीटेडेंस के सामाजिक ऐप को भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए बनाया गया है।
Helo, जून 2018 में चीन के बायटेंस द्वारा शुरू किया गया एक सामाजिक नेटवर्किंग ऐप है, जो अब  4 करोड़  से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ अग्रणी भारतीय सामाजिक प्लेटफार्मों में से एक है। हेलो ऐप भारत के स्थानीय ऐप शेयरचैट का एक सफल चीनी संस्करण है, जो शोबिज़, मनोरंजन, राजनीति, पालन-पोषण और खेती जैसे विभिन्न विषयों को कवर करता है।
हेलो तमिल, हिंदी, तेलुगु, मराठी, गुजराती, पंजाबी, मलयालम, बंगाली, तमिल, कन्नड़, ओडिया, भोजपुरी, असमिया, राजस्थानी और हरियाणवी सहित कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। भारत की मूल भाषाओं में होने के कारण बड़ी आसानी से ये ऐप पूरे भारत के लोगों को उनके मित्रों और परिवार से जोड़ता है।

TikTok, Kwai और LIKE - भारत में लोकप्रिय लघु वीडियो ऐप्स
चीन के सबसे लोकप्रिय लघु वीडियो ऐप TikTok और Kuaishou (जिसे Kwai विदेशों में जाना जाता है) अब भारत में प्रचलित हैं। एक अन्य लोकप्रिय ऐप LIKE के साथ दो ऐप भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में लाखों स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं द्वारा डाउनलोड किए गए हैं जो व्यक्तिगत वीडियो साझा करने के लिए उनका उपयोग कर रहे हैं।

यह बताया गया कि TikTok वैश्विक उपयोगकर्ताओं में से 39 प्रतिशत भारत से हैं, ज्यादातर 16 से 24 वर्ष की आयु के बीच हैं। पिछले साल, TikTok उपयोगकर्ताओं की संख्या 32 मिलियन से अधिक है, जिसमें भारत में 32 मिलियन से अधिक ऐप डाउनलोड हैं। 2018 में भारत में Like तीसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप था, जिसके 64 प्रतिशत उपयोगकर्ता भारतीय थे।

UCBrowser: एक लोकप्रिय मोबाइल ब्राउज़र
यूसी ब्राउज़र चीनी मोबाइल इंटरनेट कंपनी यूसीवेब द्वारा विकसित एक वेब ब्राउज़र है, जो अलीबाबा ग्रुप के स्वामित्व में है। 2018 की शुरुआत में, यूसी ब्राउज़र का MAU 170 मिलियन से अधिक हो गया और यहां तक कि Google Chrome  को भी पीछे छोड़ दिया था।  इस प्रकार भारत और इंडोनेशिया में इस ऐप ने मोबाइल उपयोगकर्ताओं की लड़ाई जीत ली थी। लेकिन जल्द ही क्रोम ने रफ्तार पकड़ी और जैसे-जैसे भारत में स्मार्टफोन बाजार में तेजी आ रही है, चीजें तेजी से बदल रही हैं और क्रोम अब शीर्ष पर वापस आ गया है।

हालाँकि, यूसी ब्राउज़र अभी भी लोकप्रिय है और भारत के सभी प्रकार के मोबाइलों द्वारा उपयोग किया जाता है। भारत में बहुत से लोगों के पास वाईफाई तक पहुँच नहीं है और सेलुलर डेटा अपेक्षाकृत महंगा और धीमा है। यूसी ब्राउज़र डेटा को कंप्रैस कर सकता है, नेविगेशन को गति दे सकता है और उपयोगकर्ताओं को बहुत अधिक सेलुलर डेटा ट्रैफ़िक बचाने में मदद कर सकता है। यूसी ब्राउज़र के वीडियो ग्रैबिंग फंक्शन के साथ, हर बार स्ट्रीमिंग के बजाय सामाजिक नेटवर्क से वीडियो डाउनलोड कर सकता है।

80 करोड़ से ज्यादा यूजर्स पर चीन की नजर
भारत में मोबाइल एप का बाजार चीन के लिए काफी महत्वपूर्ण है। भारत के करीब 80 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स मोबाइल पर न्यूज पढ़ते हैं, गेम खेलते हैं, शॉर्ट वीडियो बनाते हैं और सोशल मीडिया एप्स का इस्तेमाल करते हैं। पिछले कुछ समय से चाइनीज प्रोडक्ट के बहिष्कार की बात हो रही थी और अब सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है, हालांकि इससे चीन और भारत दोनों को आर्थिक तौर पर नुकसान होगा लेकिन देश की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जा सकता।

बैन का क्या होगा असर?
प्रतिबंधित सूची के कुछ ऐप भारत में बहुत लोकप्रिय हैं, विशेष रूप से टिक्कॉक, जिसके देश में 100 मिलियन से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं। नए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे हेलो और लाइक, साथ ही वीडियो चैट ऐप विगो लाइव भारतीयों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं जो लोग अंग्रेजी में सहज नहीं हैं। इन उपयोगकर्ताओं को दूसरे विकल्प की तलाश करनी होगी।

इसके अलावा, इन प्लेटफार्मों में से अधिकांश में भारतीय निर्माता हैं, जिनमें से कई के लिए यह आय का एकमात्र स्रोत है। इनमें से कई ऐप ऐसे हैं जिनके भारत में आॅफिस हैं और वहां कई लोग काम कर रहे हैं। अब जब बैन लग गया है तो हजारों लोगों की नौकरियां दांव पर लग सकती हैं।

 

#IndianDefenseMinistry 59Chinesemobileappsdangerous 59ChinaAppsBank #TikTok #Helo #Weibo #WeChat #SHAREit #TrueCaller #UCBrowser #MiStore #threattonationalsecurity #Modigovernmentban59chineseapp #biglossforchina #TikTokvulgarsexualcontent #Tiktokcyberbullyingcontent

Add comment


Security code
Refresh