कोरोना वैक्सीन का ट्रायल दूसरे चरण में, बच्चों और बुजुर्गों पर होगा टेस्ट

Vaccinetrial

भारत में कोरोना वायरस के मरीज 1 लाख से भी ऊपर हो गये हैं। लगातार कोरोना के केसों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। इसी बीच कोरोना के मरीजों के लिए एक खुशखबरी आ रही है। कोरोना वायरस के इलाज के लिए ब्रिटेन में जिस वैक्सीन का ट्रायल हो रहा है, वह अब दूसरे चरण में पहुंच गया है। इस चरण में वैक्सीन की जांच इंसानों पर शुरू हो गई है। इसके सफल होने पर इसे लगभग 10 हजार से अधिक लोगों पर  इस प्रयोग को करने की तैयारी की जा रही है। भारत ने भी इस वैक्सीन के ट्रायल के 80 फीसदी सफल होने की उम्मीद जताई है।

बता दें कि पिछले महीने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने वैक्सीन का प्रभाव और सुरक्षा की जांच करने के लिए एक हजार से अधिक वॉलनटिअर्स पर इसका ट्रायल किया था। वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को घोषणा की कि अब उनकी प्लानिंग पूरे ब्रिटेन में बच्चों और बुजुर्गों समेत 10 हजार से ज्यादा लोगों पर इस वैक्सीन के ट्रायल की है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैक्सीन विकसित करने की काम में लगी टीम को लीड कर रहे एंड्रयू पोलार्ड ने कहा, श्क्लिनिकल स्टडी बहुत बेहतर तरीके से आगे बढ़ रही है। हम इस बात की जांच करने जा रहे हैं कि बुजुर्गों में यह वैक्सीन कितनी असरदार होती है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह टीका पूरी आबादी को सुरक्षा मुहैया करा सकता है।

वैक्सीन कब तक बनकर तैयार होगी, इस पर पोलार्ड ने एक न्यूज वेबसाइट से कहा है कि वैक्सीन को लेकर अभी कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। पूरी तरह से सक्षम वैक्सीन कब तक बनकर तैयार हो जाएगी, इस पर भी उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह बताना काफी मुश्किल है कि कब तक वैक्सीन पूरी तरह से तैयार हो जाएगी और कब गारंटी के साथ कहा जा सकेगा कि वैक्सीन से महामारी की रोकथाम संभव है।

वहीं दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता सेरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के चीफ एग्जिक्यूटिव अदार पूनावाला ने कोविड-19 की वैक्सीन को तैयार होने में 2 साल का वक्त लगने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि संभव है कि इस साल के आखिर तक भी वैक्सीन मिल जाए। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ यूके की वैक्सीन ट्रायल पर निर्भर करता है जो अब दूसरे चरण में पहुंच चुका है।

 

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