Delhi: लाॅकडाउन में पानी का बढ़ा हुआ बिल बना लोगों की परेशानी का सबब

Jal

नई दिल्लीः एक तरफ तो केजरीवाल सरकार दावा करती है कि हमने बिजली और पानी के बिल हाफ और माफ कर दिए है। लेकिन, दूसरी तरफ लाॅकडाउन के समय जब लोग हर तरफ से परेशान है, उस समय केजरीवाल सरकार बढे़ हुए बिल भेजकर दिल्लीवासियों को परेशान कर रही है। बिजली के बिल पर फिर भी थोड़ी राहत दे रही है सरकार, लेकिन पानी के बिल बिना किसी रीडिंग के लंबे-चौड़े भेजे जा रहे हैं। लाॅकडाउन के समय में लगभग 6 महीने तक कोई भी पानी की रीडिंग लेने नहीं आया। लेकिन, जब बिल आया तो लोगों के होश उड़ गये। आखिर, लाॅकडाउन से पहले जिन घरों का बिल जीरो आ रहा था। एकदम से ऐसा क्या हो गया कि उन घरों का बिल, वो भी हजारों में आने लगा।

हमारे संवाददाता ने विश्वकर्मा नगर निवासी से बात की तो पता चला कि उनके परिवार में 4 सदस्य हैं। उनका पानी का बिल लाॅकडाउन से पहले हमेशा जीरो आता था। लाॅकडाउन में कोई भी पानी के मीटर की रीडिंग लेने नहीं आया। लाॅकडाउन खत्म होने के बाद अचानक से मीटर रीडर प्रकट हो जाता है और अगल दो दिनों में लगभग 1300 रूपये का बिल उनको भेज दिया जाता है। अब ये मिडिल क्लास फैमिली, जिनका लाॅकडाउन में काम-धंधा सब ठप्प हो गया, ये बिल कहां से भरेंगे।

हालांकि, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा के मुताबिक, राजधानी दिल्ली के लोगों पर कोरोना वायरस महामारी काफी असर पड़ा है। यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने पानी बिल में मिल रही छूट की स्कीम को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया है। अब ये छूट किसको मिलेगी और कितनी मिलेगी ये तो जल बोर्ड ही तय करेगा। लेकिन ये तो तय है कि ये बिल आपको भरना ही पड़ेगा।

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