दिल्ली में ऑड-ईवन हो सकता है लागू? पराली से बढ़ रहा है वायू प्रदूषण

Pollution

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हल्की ठंड की शुरूआत हो चुकी है। लेकिन, ठंड के साथ ही प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। लाॅकडाउन में जो हवा बिल्कुल साफ हो चुकी थी, वो फिर से ट्रैफिक बढ़ने के कारण प्रदूषित होने लगी है। दूसरी तरफ पंजाब और हरियाणा में पराली भी जलनी शुरू हो गई है। उसकी वजह से दिल्ली में हवा का पीएम लेवल 2.5 हो गया है, जोकि इस सीजन में सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है। केन्द्र और राज्य सरकारों के भरसक प्रयास के बाद भी पड़ोसी राज्यों में किसानों ने पराली जलाना नहीं छोड़ा है। पंजाब के एक किसान ने पूछने पर बताया कि सरकार कहती तो है मगर करती कुछ नहीं। इसलिए हमारे सामने पराली जलाने के अलावा और कोई चारा नहीं है।

पंजाब और हरियाणा में बड़ी मात्रा में पराली जलाने की वजह से वहां से आने वाली हवाएं अपने साथ बड़ी मात्रा में प्रदूषण भी ला रही हैं। हवा की गति कम होने के कारण ये जहरीला धुंआ दिल्ली शहर के ऊपर आकर ठहर जाता है। इसकी वजह से दिल्लीवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।

बुधवार को पराली की वजह से बनने वाले पीएम 2.5 का स्तर दिल्ली की हवा में केवल 1 प्रतिशत था जो कि गुरुवार को बढ़कर 6 प्रतिशत हो गया और शुक्रवार को यही 18 फीसदी तक पहुंच गया। 2019 में यह स्तर सबसे ज्यादा 44 प्रतिशत तक पहुंचा था।

फिर से लौट सकता है ऑड-ईवन
राजधानी को गैस चैंबर बनने से बचाने के लिए एक बार फिर यहां ऑड-ईवन लागू किया जा सकता है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार उच्च स्तरीय बैठकें की जा रही हैं। हालांकि ऑड-ईवन की स्कीम पर अभी कोई खास चर्चा नहीं हुई है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही कुछ नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट सिस्टम में भी सुधार किया गया है।

राहत की बात
दिल्लीवासियों के लिए थोड़ी सी राहत की बात है। 20 अक्टूबर तक प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में नहीं जाएगा। मौसम और हवाओं की वजह से यह बदलाव आया है। हालांकि पराली के धुएं ने शनिवार को भी राजधानी को 19 प्रतिशत तक प्रदूषित किया है। शनिवार की सुबह राजधानी का एयर इंडेक्स करीब 254 के आसपास दर्ज हुआ था। इसके बाद इसमें बढ़ोतरी होती गई।

सीपीसीबी के एयर बुलेटिन के अनुसार, राजधानी का एक्यूआई 287 दर्ज हुआ। इसके अलावा, बहादुरगढ़ 224, बल्लभगढ़ 283, भिवाड़ी 329, फरीदाबाद 295, गाजियाबाद 289, ग्रेटर नोएडा 330 और नोएडा में यह 309 दर्ज हुआ। एनसीआर के कुछ शहर शनिवार को बेहद खराब स्थिति में रहे। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अभी प्रदूषण का मिजाज इसी तरह उतार-चढ़ाव का बना रहेगा। 

दिल्ली में दी गुलाबी ठंड ने दस्तक
राजधानी में सुबह और शाम गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। दिन का मौसम भी इस हफ्ते से बदलना शुरू हो जाएगा। शनिवार को न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री दर्ज हुआ, जो इस सीजन में सबसे कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 3 डिग्री अधिक है, लेकिन न्यूनतम तापमान महज 16.8 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। लोदी रोड का तापमान 16.2 डिग्री रहा। रविवार को अधिमतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास रह सकता है। सुबह के समय हल्की धुंध नजर आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, मौसम में बदलाव आना अब शुरू हो गया है। अधिकतम तापमान 22 अक्टूबर तक 33 डिग्री पर पहुंच सकता है। 19 से 23 अक्टूबर के बीच आंशिक तौर पर बादल देखने को मिल सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। हवाओं की गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास पूरे हफ्ते में दर्ज हो सकती है।