अर्थशास्त्री इशर जज अहलूवालिया का 74 वर्ष की उम्र में निधन

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नई दिल्लीः मशहूर अर्थशास्त्री इशर जज अहलूवालिया का शनिवार को निधन हो गया। वह 74 वर्ष की थीं। वह पिछले 15 साल से अधिक समय तक अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों पर शोध के लिए भारतीय थिंक-टैंक के चेयरपर्सन थीं। 10 महीने तक ब्रेन कैंसर से लड़ने के बाद आज उनका देहांत हो गया। इशर योजना आयोग के पूर्व डिप्टी चेयरपर्सन मोंटेक सिंह अहलूवालिया की पत्नी थीं।

इशर अहलुवालिया, जिन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए) किया और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से पीएचडी प्राप्त की। इशर को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए 2009 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

आईसीआरआईईआर में, अहलूवालिया के शोध ने शहरीकरण और भारत में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया। वह कई किताबों की लेखिका भी थीं, जिनमें ट्रांसफॉर्मिंग अवर सिटीजः पोस्टकार्ड ऑफ चेंज और हाल ही में, ब्रेकिंग थ्रू नामक एक संस्मरण भी शामिल हैं।

कौन थी इशर जज अहलूवालिया
इशर जज अहलूवालिया की रिसर्च भारत में शहरी विकास, औद्योगिक विकास, मैक्रो-आर्थिक सुधार और सामाजिक क्षेत्र के विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करनी वाली रही है। वह कई नीतिगत बहस में एक उल्लेखनीय प्रतिभागी थीं और उन्होंने विभिन्न लेखों को लिखा था। इशर जज अहलूवालिया ने गिरते स्वास्थ्य के कारण इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल एकोनॉमिक रिलेशंस (इक्रियर) के चेयरमैन पद से भी अगस्त महीने में इस्तीफा दे दिया था। उन्हें आठ अगस्त, 2005 को सालाना आम बैठक में चेयरपर्सन चुना गया था। 

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