दिल्ली हिंसाः उमर खालिद पुलिस हिरासत में, 11 लाख पेज के डेटा पर होगी पूछताछ

Khalid H

नई दिल्लीः जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को इस साल फरवरी में उत्तरी पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसे सोमवार को 10 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस ने कोर्ट में रिमांड की मांग करते हुए दलील दी थी कि उसे पूर्व छात्र नेता से कई तथ्यों के बारे में पूछताछ करनी है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने पुलिस को अपनी हिरासत में उमर खालिद से पूछताछ करने की अनुमति दी और कहा कि यह पुलिस हिरासत रिमांड के लिए एक उपयुक्त मामला है। जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान, कई अन्य कट्टरपंथी समूहों या संगठनों के समर्थन से सीएए/एनपीआर/एनसीआर में उनकी सक्रिय भागीदारी का विरोध हुआ, जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में हुए दंगों की पुनः पुष्टि हुई।

न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा, ‘‘मामले की प्रकृति और आरोपी उमर खालिद की भूमिका को ध्यान में रखते हुए, जो कि अब तक सीएए (एंटी-सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट)/एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर)/एनआरसी (नागरिकों के लिए राष्ट्रीय रजिस्टर) विरोध में साजिश और भागीदारी के संबंध में सामने आया है। कई कट्टरपंथी समूहों/संगठनों के समर्थन से दंगे हुए और तथ्य यह है कि आरोपी उमर खालिद से भारी मात्रा में तकनीकी डेटा के साथ-साथ जांच के दौरान आई सामग्री के लिए हिरासत में लिए जाने की मांग की गई है, मुझे लगता है एक प्रभावी और समुचित जांच करने के लिए अभियुक्त की 10 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग के लिए वर्तमान आवेदन की अनुमति के लिए, ये एक उपयुक्त मामला है।’’

पुलिस के पास 11 लाख पेज का डेटा
पुलिस ने खालिद की गिरफ्तारी गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत की है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि खालिद से दंगों से जुड़े 11 लाख पेज डेटा के साथ सवाल-जवाब किए जाने हैं। बता दें कि सूत्रों ने बताया कि खालिद ने पुलिस के कई सवालों का जवाब नहीं दिया था। ज्ञात हो कि पुलिस ने खालिद से सोमवार को पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि खालिद का दिल्ली के चांद बाग इलाके में एक ‘खुफिया’ कार्यालय था जहां वह सह आरोपी खालिद सैफी, ताहिर हुसैन के साथ देर रात तक बैठक करता था।

बता दें कि जेएनयू के छात्र शार्जील इमाम, पिंजरा टॉड के सदस्य और जेएनयू के छात्र देवांगना कलिता और नताशा नरवाल, जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा और गुलफिशा खातून, कांग्रेस के पूर्व पार्षद इशरत जहां, जामिया समन्वय समिति के सदस्य सफूरा जरगर, मीरन हैदर, जामिया के अध्यक्ष रहमान, निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन और कार्यकर्ता खालिद सैफी पर भी आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Also read in english: Umar Khalid in 10-day police custody for Delhi unrest

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