सेनिटाइजर का प्रयोग जरा संभलकर, सफाई कर रहा युवक 35 फीसदी जला

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नई दिल्लीः कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सेनिटाइजर (Senitizer) का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा है। मगर जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है। सेनिटाइजर में एल्कोहल (Alcohal) होने की वजह से यह ज्वलनशील (Flammable) हो जाता है। किसी भी तरह की गैस या आग के सम्पर्क में आने से परिणाम भयंकर हो सकते हैं। इसलिए सेनिटाइजर का इस्तेमाल बड़े ही सोच-समझकर करें। इससे जुड़ी सावधानियों को समझें फिर इसका इस्तेमाल करें।

इसी तरह की लापरवाही का एक मामला हरियाणा (Haryana) के रेवाड़ी (Rewari) से सामने आया है। एक शख्स अपने घर के किचन में खड़ा होकर सेनिटाइजर से अपने मोबाइल (Mobile) फोन की स्क्रीन (Screen) साफ कर रहा था। गलती से हैंड सैनिटाइजर उसके कपड़ों पर गिर गया, और वह रसोई गैस के पास ही खड़ा था। उसके कपड़ों में तुरंत ही आग लग गई। आनन-फानन में उसके परिजनों ने उसे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, शख्स 35 फीसदी जल गया था। हालांकि उसकी हालत अभी स्थिर है।

गनीमत है कि समय पर उसे प्राथमिक उपचार मिल गया और उसकी जान बच गई। अगर आग फैल जाती तो जान का नुकसान भी हो सकता था। वरिष्ठ डाॅक्टर महेश मंगल ने बताया कि लोग सेनिटाइजर में एल्कोहल की मात्रा को नहीं समझ पाते और अनजाने में किसी अनहोनी घटना का शिकार हो जाते हैं। 

डाॅक्टरों के मुताबिक, सेनिटाइजर में 75 फीसदी तक एल्कोहल होता है। यह ज्वलनशील होता है। इसलिए सेनिटाइजर का उपयोग में सावधानी बरतें। हर चीज को सेनिटाइज करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ अपने हाथ को ही सेनिटाइज करें, क्योंकि हाथ से ही नाक और मुंह छुआ जाता है, जिससे कोरोना वायरस आपके शरीर में पहुंच सकता है। इसकी पहुंच से खासकर बच्चों को दूर रखें। गलती से अगर यह आपके मुंह के अंदर चला गया तो नुकसान हो सकता है। अगर आप अपने घर पर ही हैं तो इसके इस्तेमाल से बचें। घर पर आप पानी और साबून के इस्तेमाल से भी सुरक्षित रह सकते हैं। 

आज हम आपको बताते हैं कि क्यों हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल मे सावधानी बरतना जरूरी है?

कैसा हो आपका सेनिटाइजर
फिलहाल हर किसी को कोरोना वायरस का खतरा है। ऐसे में हाथ साफ रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टर्स ने यूं तो 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोने की सलाह दी है। मगर सैनिटाइजर का यूज खूब हो रहा है। इससे हाथ को डिसइंफेक्ट करना आसान तो हो जाता है, मगर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, लोगों को अल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइजर यूज करने चाहिए। इनमें कम से कम 60ः अल्कोहल होना चाहिए।

क्यों है खतरनाक
चूंकि हैंड सैनिटाइजर्स में कम से कम 60 पर्सेंट अल्कोहल होता है, ऐसे में वे बेहद ज्वलनशील होते हैं यानी उनमें बड़ी तेजी से आग लगती है। डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि सैनिटाइजर्स को ऐसी जगह के पास इस्तेमाल ना करें जहां आग लगने की संभावना हो जैसे- रसोई गैस, लाइटर, माचिस आदि। सैनिटाइजर्स को पर्याप्त मात्रा में इस्तेमाल करें और फिर उसे सूख जाने दें।

इस्तेमाल का सही तरीका
अगर आपके हाथ गंदे हों तो सैनिटाइजर ना इस्तेमाल करें। पहले साबुन और पानी से हाथ धो लें। हैंड सैनिटाइजर में मौजूद अल्कोहल तभी काम करता है जब आपके हाथ सूखे हों। ऐसे में आप सैनिटाइजर की दो-तीन बूंद लें और उसे अपने हाथों पर रगड़ें। उंगलियों के बीच में सफाई करें और हथेलियों के पीछे भी लगाएं। सूखने से पहले सैनिटाजर को ना पोछें, ना ही धोएं।

साबुन है बेहतर
सैनिटाइजर का इस्तेमाल वहीं करें जहां साबुन और पानी न हो। घर पर रहने के दौरान चार से पांच बार साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोना चाहिए। घर से बाहर निकलने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना कारगर नहीं है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वही सैनिटाइजर असरदार होगा जिसमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। घरों में इस्तेमाल होने वाला साबुन सैनिटाइजर के मुकाबले ज्यादा असरदार है।

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