केन्द्र के आदेश की नाफरमानी, दिल्ली से सटे सारे बार्डर सील

Borderseal

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश सरकार ने गाजियाबाद और नोएडा बार्डर सील करने का फरमान जारी कर दिया है, दिल्ली सरकार ने भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली के सभी बॉर्डरों को एक सप्ताह तक सील किए जाने का फैसला किया है। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।

याचिका में कहा गया कि इस आदेश से दिल्ली एनसीआर में रह रहे लोगों को आवाजाही के अधिकार का हनन हो रहा है। साथ याचिका में कहा गया कि दिल्ली के कई अस्पताल केन्द्र सरकार के अधीन है और इन अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए यूपी और हरियाणा से आने वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया है, जबकि इन अस्पतालों का खर्च केन्द्र सरकार वहन करती है।  इसके साथ ही बॉर्डर सील होने से दिल्ली एनसीआर में रहने वाले उन लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो दिल्ली में काम करते हैं।

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर सील
दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर को लेकर भी उहापोह की स्थिति जारी है। अब हरियाणा सरकार ने कहा है कि बॉर्डर खोलने पर कोई भी आखिरी फैसला दिल्ली सरकार से बात करने के बाद ही लिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने दिल्ली से लगती सीमाओं को एक बार फिर से सील कर दिया है और यहां पर अब पहले जैसी सख्ती की जा रही है। बॉर्डर पार करने की इजाजत उन्हीं लोगों को है जिनके पास वैध ई-पास हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि पहले सीमाओं को खोलते वक्त गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए दिशानिर्देश का पालन किया गया था। लेकिन दिल्ली सरकार ने हर तरह के मूवमेंट को रोकने का फैसला किया है। अब इस बाबत कोई फैसला यानी बॉर्डर खोलने का फैसला दिल्ली सरकार से बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। हरियाणा सरकार के मुताबिक जब दोनों राज्यों की सरकारें सहमत होंगी तभी बॉर्डर खोला जाएगा।

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वैसे यहां बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में लॉकडाउन पर लोगों को बड़ी राहत देते हुए 1 जून से देश में अनलाॅक 1.0 शुरू करने की घोषणा की थी। शनिवार (30 मई) को गृह मंत्रालय की तरफ से अगले एक महीने यानी 1 जून से 30 जून तक के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की गईं।  इसमें कंटेनमेंट जोन (निषिद्ध क्षेत्र) के बाहर सभी तरह की गतिविधियों को फिर से शुरू करने की इजाजत दी थी।

इस लॉकडाउन की सबसे खास बात यह है कि इसमें पूरे देश में आने जाने की पाबंदी हटा ली गई है। देशभर में कहीं आने जाने पर रोक नहीं होगी। एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए किसी भी पास की जरूरत नहीं होगी। लेकिन फिर भी दिल्ली से आने-जाने वाले सारे बार्डर सील हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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