विवादों से घिरे मनोज तिवारी की छुट्टी, आदेश गुप्ता को दिल्ली की कमान

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नई दिल्लीः विवादों से घिरे मनोज तिवारी की बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई है। पार्टी ने उनकी जगह आदेश कुमार गुप्ता को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनाया है। आदेश गुप्ता उत्तरी दिल्ली नगर निगम के पूर्व महापौर हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार  को कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की। वहीं, पार्टी ने छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी विष्णुदेव साय को सौंपी है। 

ज्ञात हो कि मनोज तिवारी को 2016 में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने दिल्ली की हार के तुरंत बाद इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन विकल्प नहीं मिलने तक इसे जारी रखने के लिए कहा गया था।

पार्टी अध्यक्ष पद से छुट्टी के बाद मनोज तिवारी ने ट्वीट कर लिखा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में इस 3.6 साल के कार्यकाल में जो प्यार और सहयोग मिला उसके लिये सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी व दिल्ली वासियों का सदैव आभारी रहूंगा। जाने अनजाने कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करना। नये प्रदेश अध्यक्ष भाई आदेश गुप्ता जी को असंख्य बधाइयां।

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विवादों से रिश्ता
गायक और अभिनेता से राजनेता बने मनोज तिवारी हमेशा विवादों में घिरे रहे हैं। उन्हें शिक्षकों का अनादर करने, कतारों में खड़े लोगों का मजाक उड़ाने, अपने ही क्षेत्र के लोगों की आलोचना करने, सेना के लोगों का अपमान करने, फिटनेस चुनौतियों को स्वीकार करने और चुनाव अभियानों के दौरान झूठे वादे करने के लिए जाना जाता है। अपने अक्खड़ स्वभाव की वजह से हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद से ही वो हमेशा विवादो में रहे। कई ऐसे मामले रहे जिनकी वजह से मनोज तिवारी का कद बीजेपी में घटा है और उनकी वजह से कई जगह पार्टी की छवि भी धूमिल हुई है। उनकी ही पार्टी के लोग उन्हें नापंसद करने लगे। वैसे, काफी समय से चर्चा थी कि उनको इस पद से हटाया जा सकता है। 

क्या रहे विवाद
सिग्नेचर ब्रिज की ओपनिंग के समय काफी विवाद हुआ था और यह मामला मीडिया में भी काफी उछला था। केजरीवाल सरकार ने ओपनिंग में मनोज तिवारी को निमंत्रण नहीं दिया था। हालांकि प्रोटोकोल के हिसाब से उन्हें उद्घाटन में बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन दिल्ली सरकार ने जानबूझकर उन्हें आमंत्रित नहीं किया। इस पर मनोज तिवारी अपने समर्थकों के साथ वहां जमकर हंगामा किया।

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एक और वाक्या है, जो काफी चर्चा में रहा था। मार्च, 2017 में एमसीडी चुनाव के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद होने के नाते मनोज तिवारी इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बुलाए गए थे। इसी बीच टीचर नीतू पंवार ने मनोज तिवारी से गाने का अनुरोध कर दिया। यह बात मनोज तिवारी को नागवार गुजरी और उन्होंने मंच से ही टीचर को फटकार लगाते हुए मंच से उतर जाने का फरमान सुना दिया। इस मामले में उनकी और पार्टी की बहुत किरकिरी हुई थी। 

ऐसा ही एक विवाद 2018 में हुआ जब MCD द्वारा दिल्ली में सीलिंग की जा रही थी। मनोज तिवारी ने दिल्ली के गोकलपुर इलाके में एक घर का ताला तोड़ दिया और उन्होंनें कहा कि अगर वहां 1000 घर हैं तो केवल एक को सील क्यों किया गया? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि चुन-चुनकर घरों को सील किया जा रहा, मैं इस सिस्टम का विरोध करता हूं। यह घटना भी काफी चर्चा में रही थी।

राजनीतिक करियर
उन्होंने 2009 का आम चुनाव गोरखपुर लोकसभा से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा, लेकिन योगी आदित्यनाथ से बुरी तरह से हार गए। फिर, उन्होंने 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में भारतीय आम चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें 2016 में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। वह दिल्ली में भाजपा संगठन के प्रमुख थे, जब पार्टी ने 2017 एमसीडी चुनावों में रिकॉर्ड जीत दर्ज की। वह बिग बॉस में भी प्रतियोगी रह चुकें हैं।

कौन हैं आदेश गुप्ता?
मनोज तिवारी की जगह लेने वाले आदेश गुप्ता वैसे तो दिल्ली की सियासत के कोई चर्चित या बड़ा नाम नहीं है। वह नॉर्थ एमसीडी के मेयर रह चुके हैं। गुप्ता पश्चिमी पटेल नगर से पार्षद हैं। अप्रैल 2018 में वह उत्तरी नगर निगम के मेयर बने थे।
नए दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने ट्वीट कर लिखा "मैं मोदी जी, नड्डा जी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभारी हूं, जो मेरे जैसे एक पार्टी कार्यकर्ता को प्रदेश पार्टी अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया।"

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आदेश गुप्ता दिल्ली की जमीनी राजनीति से जुड़े हुए नेता के तौर पर जाने जाते हैं। आदेश गुप्ता के पास पार्षद और नॉर्थ दिल्ली के मेयर का तजुर्बा भी है। यानी दिल्ली की राजनीति में उनका तजुर्बा काफी नीचे तक है। आदेश गुप्ता NDMC स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। 

लोकसभा सांसद और कलाकार के रूप में मनोज तिवारी काफी चर्चित चेहरा हैं, लेकिन तिवारी की जगह लेने वाले आदेश गुप्ता दिल्ली की राजनीतिक चेहरों में शुमार नहीं किए जाते हैं। लेकिन तमाम बड़े नामों को पीछे छोड़ते हुए आदेश गुप्ता को पार्टी ने दिल्ली की कमान सौंप दी है।

आदेश गुप्ता मूल रूप से यूपी के रहने वाले हैं। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वो दिल्ली आ गए थे। यहां उन्होंने शुरुआती दिनों में ट्यूटशन पढ़ाकर अपना गुजारा किया। साथ ही कारोबार भी शुरू कर दिया. इस दौरान राजनीतिक में उनकी दिलचस्पी भी जारी रही। वो बीजेपी युवा मोर्चा में भी सक्रिय रहे। इसके साथ ही उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम शुरू कर दिया जिसमें उन्हें काफी तरक्की मिली। 2017 में आदेश गुप्ता को एमसीडी चुनाव में टिकट मिला और उन्होंने जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें नॉर्थ दिल्ली का मेयर बनाया गया। अब आदेश गुप्ता के कंधों पर दिल्ली संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। उनका अब तक का राजनीतिक सफर बेदाग रहा है। चुनाव आयोग को दिए उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके खिलाफ एक भी आपराधिक केस नहीं है। 

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