मुश्किल घड़ी में RBI ने दी बड़ी राहत, 31 अगस्त तक EMI पर छूट

RBI

लाॅकडाउन के दौर में जहां सब कुछ बंद है, लोगों के लिए कमाई का कोई जरिया नहीं बचा है। रिजर्व बैंक ने इस मुश्किल घड़ी में बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है। इससे आम लोगों की ईएमआई कम हो सकती है। साथ ही, RBI ने रिवर्स रेपो रेट घटाकर 3.35 फीसदी कर दिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकरंत दास ने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि महंगाई दर अभी भी 4 फीसदी के नीचे रहने की संभावना है, लेकिन लॉकडाउन के वजह से यह बढ़ सकती है।

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने टर्म लोन मोरटोरियम 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है। पहले यह 31 मई तक ही था। अब तीन महीने और बढ़ा दिये गये हैं और 6 महीने के मोरटोरियम की सुविधा ग्राहकों के लिए उपलब्ध हो गई है। यानी इन 6 महीने अगर आप अपनी EMI नहीं चुकाते हैं तो आप डिफॉल्टर या NPA कैटेगरी में नहीं आयेंगे।

गवर्नर ने बताया कि Monetary Policy Committee (MPC) की बैठक में 6-5 सदस्यों ने ब्याज दरें घटाने के पक्ष में सहमति जताई। इस फैसले से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन सहित सभी तरह के कर्ज पर ईएमआई सस्ती होगी।

वहीं शक्तिकांत दास ने आशंका जताई है कि चालू वित्तीय वर्ष की जीडीपी ग्रोथ रेट नेगेटिव रह सकता है। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को 15,000 करोड़ रुपये के इस्तेमाल के लिए 90 दिनों का अतिरिक्त समय मिलेगा। एक्सपोर्ट क्रेडिट समय 12 महीने से बढाकर 15 माह किया जा रहा है।

गवर्नर ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका है। अनाजों की आपूर्ति एफसीआई से बढ़ानी चाहिए। देश में रबी की फसल अच्छी हुई है। जबकि बेहतर मॉनसून और कृषि से काफी उम्मीदे है। मांग और आपूर्ति का अनुपात गड़बड़ाने से देश की अर्थव्यवस्था थमी हुई है। सरकारी प्रयासों और रिजर्व बैंक की तरफ से उठाए गए कदमों का असर भी सितंबर के बाद दिखना शुरू होगा।

ज्ञात हो कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 मार्च को बैंकों व वित्तीय संस्थानों को 1 मार्च 2020 तक बकाया सभी टर्म लोन्स लेने वालों को ईएमआई के भुगतान पर 3 माह का मोरेटोरियम उपलब्ध कराने को कहा था। इस विकल्प में ग्राहक मार्च, अप्रैल और मई माह की अपनी ईएमआई चाहें तो होल्ड कर सकते हैं।  हालांकि ईएमआई स्थगन के इन तीन महीनों की अवधि के दौरान ब्याज लगता रहेगा, जो बाद में एक्स्ट्रा ईएमआई के तौर पर देना होगा। जो ग्राहक अपनी ईएमआई होल्ड नहीं करना चाहते, उन्हें कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। उनकी ईएमआई वैसे ही कटती रहेगी, जैसे कट रही थी।

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