‘राम सेतु’ का पोस्टर देख फूटा लोगों का गुस्सा, किए ऐसे कमेंट...

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नई दिल्लीः बॉलीवुड के सुपर स्टार अक्षय कुमार का नाम कौन नहीं जानता है। उनकी जबरदस्त एक्टिंग के फैंस दीवाने हैं। वह हर किरदार में अपने को ढाल लेते हैं। हाल ही में उनकी फिल्म लक्ष्मी डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज हुई और दर्शकों ने इस फिल्म को काफी पसंद भी किया। इस फिल्म की रीलीज के कुछ दिन बाद ही अक्षय ने अपनी अगली आने वाली फिल्म की घोषणा कर दी। यह फिल्म ‘राम सेतू’ पर आधारित है। उन्होंने इस फिल्म का पोस्टर भी अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। लेकिन, इस फिल्म का पोस्टर शेयर करते ही फिल्म विवादों में घिर गई और इस पर नेगेटिव कमेंट आना शुरू हो गए।

बता दें कि अक्षय ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो भी शेयर किया है, जिसमें प्रभु राम की तस्वीर लगी हुई है और उसक नीचे अक्षय कुमार की फोटो है। फोटो में अक्षय राम सेतु पर चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उनका लुक भी कमाल का लग रहा है। लेकिन, फोटो पर लिखा हुआ है, ‘सच या कल्पना’, जो विवाद की वजह बना है। लोग उनके इंस्टाग्राम पर नेगेटिव कमेंट कर रहे हैं और कह रहे है कि यह हिन्दु धर्म की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। अगर ये सब बंद नहीं किया गया तो आप इतिहास बन जाओगे।

लोगों ने लिखा है कि क्यों आप लोग बार-बार हिन्दु धर्म को ही टारगेट करते हो। लोग उन्हें सलाह दे रहे हैं कि आपको अगर फिल्म बनानी ही है तो किसानों पर बनाओ, जो आत्महत्या कर रहे हैं। बाॅलीवुड के ड्रग्स माफिया पर फिल्म बनाओ। पालघर में साधुओं के साथ हुई लिचिंग पर फिल्म बनाओ। ऐसे बहुत सारे टाॅपिक हैं, लेकिन आप लोगों को तो बस हिन्दु धर्म को नीचा दिखाना है। लोगों का कहना है कि अगर इस तरह से हिन्दु धर्म का अपमान करना बंद नहीं किया तो अक्षय तुम बच नहीं पाओगे। हिन्दु धर्म की आड़ में बिजनेस करना बंद करो। ऐसे न जाने कितने नेगेटिव कमेंट लोग सोशल मीडिया पर कर रहे हैं। लोगों ने ऐसे कमेंट किए हैं जो हम लिख नहीं सकते। अक्षय कुमार जी आपसे पूरे देश को बहुत उम्मीदें हैं और हम आशा करते हैं कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।  

रामसेतु की मान्यता
रामसेतु, तमिलनाडु, भारत के दक्षिण पूर्वी तट के किनारे रामेश्वरम द्वीप तथा श्रीलंका के उत्तर पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप के मध्य प्रभु श्रीराम व उनकी वानर सेना द्वारा सीता माता को रावण से मुक्त कराने के लिए बनाई गई एक शृंखला (मार्ग) है। भौगोलिक प्रमाणों से पता चलता है कि किसी समय यह सेतु भारत तथा श्रीलंका को आपस में जोड़ता था। माना जाता है कि इस सेतु का निर्माण अयोध्या के राजा राम श्रीराम की सेना के दो सैनिक नल और नील द्वारा किया गया था। इसी पुल के माध्यम से श्रीराम और उनकी सेना लंका पहुंची और लंका पर विजय प्राप्त कर अपनी पत्नी सीता माता को मुक्त कराया।

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