Mirzapur 2: गोलियों, गालियों और भौकाल का कॉम्पैक्ट पैकेज

M 1

नई दिल्लीः अमेजॅन प्राइम वीडियो के ‘मिर्जापुर 2’ का जो भौकाल सीजन-1 में शुरू हुआ था, वो सीजन-2 में भी लगभग वैसा ही है।  कालीन भैया का जलवा और गुड्डू पंडित का बदला, दोनों ही इस सीरीज का मुख्य आकर्षण है। लेकिन, मिर्जापुर सीजन 2 में पहले की अपेक्षा ज्यादा खून-खराबा दिखाया गया है और गालियो को भरमार है। मिर्जापुर के पहले सीजन में जो भी मसाला नजर आया था, वह इस सीजन में उससे ज्यादा ही देखने को मिलेगा। इस सीजन में डायलाॅग से ज्यादा गालियां और गोलियां देखने को मिलेंगी।

मिर्जापुर 2 की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां मिर्जापुर की खत्म हुई थी। पहले ही सीन से पता चल जाता है कि फिल्म में काफी खून-खराबा होने वाला है। मुन्ना भैया अपनी रंगबाजी में हैं तो वहीं कालीन भैया अपने बेटे को बाहुबली बनाने में लगे हुए है। गुड्डू भैया घायल पड़े हैं और मुश्किल में हैं। इस तरह कहानी पूरे पेस के साथ शुरू होती है। कालीन भैया अब मिर्जापुर के बाद जौनपुर पर भी अपना कब्जा चाहते हैं। 

दूसरी तरफ मुन्ना भैया अपने ही रंग में हैं और अपने आप को अमर समझने लगे हैं। लेकिन कालीन भैया मुन्ना को ऐसा डोज देते हैं कि होश ही उड़ जाते हैं। उधर, बीना त्रिपाठी अपने घर के मर्दों से परेशान है और वह मास्टरस्ट्रोक चलने की तैयारी में है। इस तरह ‘मिर्जापुर 2’ में हर वह मसाला परोसा गया है, जिसके लिए यह सीरीज लोकप्रिय रही है। पूरी फिल्म में गालियों की बौछार, जबरदस्त राजनीति और खून खराबा कायम है। हालांकि, मिर्जापुर सीजन 2 भी कुछ नए किरदार भी डाले गये हैं, लेकिन फिर भी पूरी सीरीज पुराने किरदारों के भरोसे ही है। 

पहले की ही तरह इस बार भी ‘मिर्जापुर 2’ के 10 एपिसोड हैं। इस पूरी कहानी में अली फजल, श्वेता त्रिपाठी, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, रसिका दुग्गल और हर्षिता गौर समेत पूरी स्टारकास्ट ने अच्छा काम किया है। सभी ने अपने किरदारों के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की है और काफी हद तक वो सफल भी हुई है। लेकिन फिर भी मिर्जापुर का जलवा गुड्डू, मुन्ना और कालीन से ही है। 

बता दें कि मिर्जापुर के फैन्स इस सीरीज को देखकर निराश नहीं होंगे। हालांकि, अभद्र टिप्पणियां, भद्दी गालियां और जरूरत से ज्यादा खून-खराबा होने के कारण लोग इसे परिवार के साथ नहीं देख पायेंगे।

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