बॉलीवुड की वो 8 फिल्में जिन्होंने दर्शकों को हिलाकर रख दिया

Khakee

हिन्दी फिल्में तो आपने बहुत देखी होंगी और ज्यादातर फिल्मों में आप अंदाजा भी लगा लेते है कि फिल्म में आगे क्या होने वाला है। लेकिन कुछ ऐसी फिल्में होती हैं, जिनका क्लाईमैक्स आपको सोचने को मजबूर कर देता हैं और वो फिल्में काफी समय तक हमारे जेहन में रहती हैं। हम सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि लिखने वाले ने क्या स्क्रिप्ट लिखी है! मतलब फिल्म में आखिर में इतना ट्विस्ट आ जाता है कि हम उसको जल्दी भूल नहीं पाते। आज हम बात करेंगे कुछ ऐसी फिल्मों की जिनके क्लाईमैक्स ने दर्शकों को हिलाकर रख दिया।

दृश्यम
Drishyam

‘दृश्यम’ फिल्म की तारीफ में हम क्या ही कहें। अजय देवगन (विजय) सैम के शव को उसी थाने के नीचे दफनाता है, जहां उसके मौत की इंवेस्टिगेशन चल रही होती है। कमाल है कि जांच में जुटी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं पड़ती। फिल्म मे अजय को फिल्म बॉलीवुड फिल्मों का शौकीन दिखाया गया है। जिसके तहत वो अपने परिवार को बचाने के लिए बॉलिवुड फिल्मों से कई प्लान्स चुराकर अपने परिवार को बचाने की कोशिश में लग जाता है।

कहानी 2

Kahani

विद्या बालन स्टारर ये फिल्म सस्पेंस और रोमांच से भरी हुई है। विद्या बालन ने फिल्म में बनावटी गर्भवती महिला का रोल अदा किया। इसके अलावा फिल्म में जिस अर्नब बागची की बात होती है, वो असल में कभी था ही नहीं। असल में विद्या बालन सब कुछ अपने पति की मौत का बदला लेने के लिये कर रही होती है। फिल्म में विद्या बालन का डबल रोल है, लेकिन किसने क्या किया है, यह फिल्म में एक रहस्य है।

अंधाधुन  

Anchadun

‘अंधाधुन’ बॉलीवुड की बेहतरीन फिल्मों में से एक है। फिल्म की शुरूआत ही बेचैन कर देने वाले सीन से होती है। जहां एक गोभी के खेत में खरगोश इधर-उधर दौड़ता हुआ नजर आ रहा है और एक शिकारी लगाता उसपर निशाना लगा रहा है लेकिन उसका निशाना बार-बार चूक रहा है। फिर जोर से बंदूक की आवाज आती है और स्क्रीन ब्लैक हो जाती है। ये तो सिर्फ शुरूआत है अंधाधुन ऐसे कई सरप्राइजेज से भरी पड़ी है। फिल्म की शुरुआत में दर्शकों को ऐसा लगता है कि आयुष्मान खुराना (आकाश) अंधा है। पर असल में ऐसा नहीं होता है और वो अंधा बनने का नाटक करता है। इसके बाद फिल्म में एक मोड़ आता है, जहां लगता है कि आयुष्मान सच में अंधा हो जाता है। 

बदला

Badla

अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नु ने ‘बदला’ फिल्म में जबरदस्त किरदार निभाया है। फिल्म की शुरुआत में नैना (तापसी पन्नु) उतना ही बात बताती है जो जरूरी समझती है, लेकिन बादल (अमिताभ बच्चन) उसका धीरे-धीरे विश्वास हासिल करता है और बहुत कुछ उगलवा लेता है। बातचीत के जरिये ये अनुमान लगाना कठिन हो जाता है कि नैना को बादल बचा रहा है या फंसा रहा है? कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ? सच जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

खाकी 
Khakee

फिल्म की कहानी मुम्बई पुलिस टीम के उस अभियान पर केंद्रित है जहो उन्हें महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर से एक गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी को मुंबई वापिस लाना है, जोकि बाद में पता चलता है कि वो आतंकवादी है ही नहीं। बाद में उसी आतंकवादी को बचाने के लिए पूरी पुलिस टीम लग जाती है। ऐश्वर्या (महालक्ष्मी) बेचारी बनकर अक्षय कुमार (शेखर) का सहारा लेती है और पुलिस पार्टी में शामिल हो जाती है। रियलिटी में वो अजय देवगन (एंग्रे) की गर्लफ्रैंड होती है और उसे पुलिस की सारी मूवमेंट की खबर देती रहती है। 

इत्तेफाक 

Ittefaq Movie Review

फिल्म देखते समय दर्शकों को ऐसा लगता है कि सोनाक्षी सिन्हा ने अपने पति का मर्डर किया होगा, पर हकीकत में वो बेगुनाह निकलती हैं। ‘इत्तेफाक’ की शुरूआत में एक शख्स पुलिस से बचकर भाग रहा है। घायल शख्स पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब होता है। उसी रात एक डरी सहमी औरत सड़क पर दौड़ते पुलिस वैन से मदद मांगने पहुंचती है। उस डरी सहमी महिला का परिचय माया (सोनाक्षी सिन्हा) के रूप में होता है। विक्रम को शेखर के मर्डर में भी संदिग्ध आरोपी माना जाता है। लेकिन जल्दी ही शक की सुई माया पर भी जाती है। दो मर्डर, दो पक्ष और दो कहानी के बीच देव वर्मा कैसे असली गुनाहगार का पता लगाता है ये देखने लायक है।

तलाश  

Talaash

आमिर खान और करीना कपूर स्टारर ये फिल्म भी दर्शकों को चैंकाने में कामयाब रही। करीना कपूर एक एस्कॉर्ट के किरदार में थी, जो मर कर भी आमिर खान की मदद करती है। हांलाकि, दर्शकों को ये अंत में पता चलता है कि करीना कपूर एक भूत के रोल में हैं। कहानी को पढ़कर आपको यही लगेगा कि ये एक बहुत ही सिंपल कहानी है लेकिन जैसे जैसे फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है ये बहुत ही उलझती जाती है जो एक पल को भी आपके दिमाग को टेशन फ्री नहीं होने देगी।

भूल भुलैया

BB

भूल भुल्लैया एक साइकोलोजिकल कॉमेडी थ्रिलर हैं। इस फिल्म में विद्या बालन ने ने अवनी का किरदार निभाया है सिद्धार्थ चतुर्वेदी (शाइनी आहूजा) की पत्नी है। लेकिन उसे भारत आकर ये अहसास होता है कि वो अवनी नहीं बल्कि मंजुलिका है। पूरी कहानी उसी के इर्द-गिर्द घूमती है। बाद में कहानी में अक्षय कुमार की एन्ट्री होती है, जो कहानी को सुलझाने की कोशिश करता है। फिल्म में हंसी-मजाक के साथ भरपूर सस्पेंस है।

अगर आप संस्पेंस से भरपूर फिल्में देखने के शौकीन हैं तो ये फिल्में जरूर देखें। 

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