मजनूं का टीला बना नशेडियों का अड्डा

food

गलीगली में धड़ल्ले बिक रही है नशे की पुड़िया, पुलिस मौन

स्थानीय लोग परेशान होकर प्रधानमंत्री कार्यालय को लिख चुके है शिकायती पत्र 

-स्थानीय विधायक अलका लांबा ने कहा बच्चे-बच्चे को पता है यहां पर मिलता तमाम प्रकार नशा, पुलिस के आलाधिकारी जानकार भी नही करते ठोस कार्रवाई -बढ गई है इलाके में चोरी झपटमारी जैसी वारदाते

नई दिल्ली(बसंत झा)

राजधानी में नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है और इसकी जद में फंस कर खासतौर पर युवाओं का भविष्य चौपट हो रहा है। अगर बात की जाए नॉर्थ दिल्ली के मजनूं का टीला इलाके की तो यहां पर गली-गली में नशे का कारोबार सारे नियम कानून को ताख पर रख कर धडल्ले से फल-फूल रहा है।  स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस से मिली भगत कर कुछ लोग चरस, गांजा, अफीम, स्मैक, और शराब धडल्ले से बेच रहे हैं। वही बीते कुछ महीने पहले लोगों ने परेशान होकर प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेज चुके है। वही इस साल तैमूर नगर इलाके में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक युवक रुपेश बसौया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा भी किया था। ऐसे में मजनूं का टीला इलाके में रहने वाले स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार इस बाबत  जिले के आला पुलिस अधिकारियों तक से गुहार भी लगा चुके है।  पर इसके बावजूद पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई नही की गई है।  

 स्थानीय निवासी व आरटीआई एक्टविस्ट गुप्तेर सिंह का कहना है कि इस साल बीते तीन अक्टूबर को इलाके में रहने वाली कुछ महिलाओं ने परेशान होकर प्रधानमंत्री कार्यालय को एक शिकायती पत्र भेजा था। इस पत्र के जरिये इन महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनके कार्यालय से अपील की थी कि वह मजनूं का टीला इलाके में  चल रहे इस नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ।  लेकिन दुर्भाग्य यह है कि अभी तक पुलिस की ओर से सख्त कदम नही उठाया गया है। जिसके चलते पुलिस के डर से बेखौफ होकर लोग नशा बेचा जा रहा है। इस धंधे में पुरुष के अलावा महिलाएं भी शामिल है।   वही इस बारे में मेरे अलावा इलाके में रहने वाले कई लोग भी बार-बार जिले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी शिकायत कर चुके है। पर अभी तक पुलिस की ओर से नाम मात्र कार्रवाई के अलावा कुछ भी नही हुआ है जिसके चलते नशे की लत में पडकर युवाओं का भाविष्य खराब हो रहा है।  वही उनका आरोप है कि अगर कोई भी  स्थानीय शख्स नशे के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है तो पुलिस उल्टा उसे ही झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देती है। वही कुछ लोगो के खिलाफ स्थानीय पुलिस द्वारा झूठे मामले में बेगुनाह लोगों को फंसाया भी गया है। ऐसे में कई बार चाह कर भी लोग इस ओर ध्यान इस लिए नही देती है क्योकि इलाके में रहने वाले ज्यादातार लोगों का यही मनाना है कि पुलिस नशे का कारोबार करने वाले लोगों से मिली हुई है। 

इलाके में रहने वाले सामजिक कार्यकर्ता मनीष टांक का कहना है कि जब पुलिस द्वारा कार्रवाई नही की गई गई तब हम युवाओं ने  नशे की लत से छुटकारा दिलवाने के लिए इन दिनों एक मुहिम छेड रखी है और वह इलाके में रहने वाले लोगों को जागरूक करने के उद्ेश्य दो बार रैली भी निकाल चुका हूं। मनीष का आरोप है कि  यह सारा खेल पैसे का है और इलाके में रहने वाले कुछ लोग स्थानीय  पुलिस से मिली भगत कर तमाम प्रकार का नशा बेचने का काम कर रहे है।  ऐसे में जब स्मैक गांजा शराब गली-गली में बिकेगी तो युवाओं पर इसका असर पडना लाजमी है। और यहां पर रोजना बडी संख्या में नशा खरीदने के लिए बाहरी लोग भी आते है जिनमे सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की होती है।  क्योकि मजनूं का टीला इलाके में नशा आसानी से मिल जाता है। अगर यहां पर ऐसे ही चलता रहा तो युवाओं का भाविष्य पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। ऐसे में पुलिस के आलाधिकारियों को चाहिए कि वहां पर ठोस से ठोस कार्रवाई करे। 

क्या कहना है स्थानीय विधायक अलका लांबा का

आम आदमी पार्टी से विधायक अलका लांबा का कहना है कि इलाके में रहने वाला बच्चा-बच्चा जानता है कि मजनूं का टीला इलाके में तमाम गालियों में सरेआम नशा बेचा जा रहा है। वही जिले के आला पुलिस अधिकारियों को सब कुछ पता है। वही जब मुझ जैसे जनप्रतिनिधि को शिकायत करने पर झूठे मामले मे पुलिस ने फंसा दिया था तो भला आम जनता कैसे सामने आकर पुलिस से शिकायत करेगी। वही पुलिस का कहना था कि अभी तक किसी भी नेता कोई यहां पर कोई शिकायत नही हुई पर मैडम आपकों को क्यो नशे के कारोबार से इतनी शिकायत है। जब पुलिस इस तरह का जवाब देगी तो समझा जा सकता है पुलिस की मंशा कार्रवाई को लेकर कितनी बडी है। वही 13 अक्टूबर को नशे के खिलाफ मजनूं का टीला  स्थित रिंग रोड पर इलाके में रहने वाले लोगों के साथ प्रदर्शन करते हुए पांच घंटे तक जाम लगा दिया था। तब मौके पर आए पुलिस के आलाधिकारियों ने मुझे आासन दिया था कि वे नशा बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई करेगे, पर अभी तक पुलिस की ओर से ठोस कदम उठाया नही गया है। ऐसे में इलाके  में नशे कारोबार धडल्ले से चला रहा है और देखा जाए तो यह सब स्थानीय पुलिस की मिली भगत के चलते हो रहा है, ऐसे में हम नए साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को दुबारा से शांति पूर्वक मजनू का टीला इलाके में नशे के खिलाफ अभियान छेडते हुए धरने पर बैठेगे और इसमे महिलाए युवा और बच्चे शामिल होगे। और इसके बाद भी कुछ नही हुआ तो  दिल्ली पुलिस आयुक्त से लेकर उपराज्यपाल व गृहमंत्री राजनाथ से मिलकर उन्हे यहां के हालात के बारे में अवगत करवाएंगे। 

नॉर्थ जिले के एडिशनल डीसीपी 

नॉर्थ जिले के एडिशनल डीसीपी हरिंद्र सिंह ने बताया कि अगर लोगों को इस तरह की परेशानी है तो हमे व्यक्तिगत आकर मिले और मिले हमे जानकारी दे कि नशा कहां कहां पर बेचा जा रहा है हमारी तरफ से ठोस से ठोस कार्रवाई की जाएगी। 


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here