भगत का कटाक्ष उईके पर कटाक्ष, उम्मीद है नयी पार्टी में भी उठाएंगे आदिवासी सीएम का मुद्दा

भगत

रायपुर—आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष अमरजीत ने रामदयाल उइके को शुभकामनाएं दी है। भगत ने कहा कि रामदयाल उइके खुद को आदिवासी हितैषी नेता कहते रहे हैं। उम्मीद है कि जिस तरह कांग्रेस में रहकर आदिवासी मुख्यमंत्री की बातों को उठाया। उसी तरह भाजपा में भी आदिवासी मुख्यमत्री की आवाज को गंभीरता से उठाएंगे।

आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमर दीप भगत ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा प्रवेश करने वाले रामदयाल उईके को शुभकामनाएं देता हूं। मीडिया के अलावा अन्य माध्यमों से रामदयाल उइके को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भेज चुका हूं। भगत ने कहा कि रामदयाल उईके को शुभकामना तो मीठी लग सकती है। लेकिन शुभकामना के साथ दिया संदेश रामदयाल उईके को तीखा लग सकता है।

अमरदीप ने कहा कि कांग्रेस से नाता तोड़कर भाजपाई हो चुके रामदयाल उईके को विश्वनीयता और निष्ठा का संकल्प लेना होगा। उइके जिस पार्टी में रहें.. जहाँ भी रहें… विश्वसनीयता और निष्ठा को बरकरार रखें। ऐसा करने पर ही उइके का वजूद रहेगा। क्योंकि बार-बार दल बदलने से विश्वसनीयता पर ाल उठते हैं। व्यक्तितत्व पर गलत प्रभाव पड़ता है। जनता ऐसे नेताओं को अवसरवादी कहती है।

भगत ने बताया कि कांग्रेस में रहते हुए रामदयाल उईके ने आदिवासी सीएम की पुरज़ोर माँग रखी थी सीएम का फैसला जनता तय करती है। अमरदीप ने बताया कि उईके को सलाह दिया हूं कि जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी में रहकर आदिवासी मुख्यमंत्री की माँग रखी थी उम्मीद है कि जिस दल में उइके गए हैं…आदिवासी सीएम का मुद्दा गंभीरता से रखेंगे। ना केवल रखेंगे बल्कि आदिवासी सीएम बनाकर रहेंगे।

आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस से अलग होने की दूर.दूर तक कोई संभावना नहीं। राजनीति कैसे करना है और कहाँ करना है मैं जानता हूँ। लेकिन मूल सिद्धांत और पार्टी से जो भटक गया उसको क्या ज़िल्लत सहनी पड़ती है मैने करीब से देखा है। उईके के भाजपा प्रवेश मसले पर अमरजीत ने बग़ैर कुछ कहे सब कुछ कह दिया। आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत ने कहा कि आयातित नेता थे। जिस तरह से आए थे उसी तरह चले भी गए।यह जानकाीर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभयनारायण ने दी है।

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